Balrampur Accident: जांच रिपोर्ट का खुलासा! सड़क नहीं, बेकाबू रफ्तार बनी तीन मौतों की वजह
बलरामपुर की उतरौला सड़क उस वक्त चीखों से थर्रा उठी जब दो मोटरबाइकों की सीधी भिड़ंत ने तीन युवकों की जीवनलीला समाप्त कर दी। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर हरकत में आई एआरटीओ, यातायात पुलिस और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने जब बुधवार शाम पिपरी कुल्ही गांव के पास घटनास्थल की खाक छानी, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।
Balrampur: बलरामपुर जिले के उतरौला रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे की गुत्थी संयुक्त जांच टीम ने सुलझा ली है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर गठित परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और पीडब्ल्यूडी की टीम ने पिपरी कुल्ही गांव के पास घटनास्थल का सूक्ष्मता से वैज्ञानिक परीक्षण किया।
एआरटीओ बृजेश कुमार के नेतृत्व में हुई इस जांच का सबसे कड़वा निष्कर्ष यह निकला कि जिस सड़क को प्रथम दृष्टया दोषी माना जा रहा था, वह तकनीकी रूप से बिल्कुल दुरुस्त पाई गई। अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि सड़क की चौड़ाई पर्याप्त थी, सतह समतल थी और वहां कोई गड्ढा या अवरोध मौजूद नहीं था। यहाँ तक कि सुरक्षित सफर के लिए जरूरी संकेतक बोर्ड भी मौके पर सही स्थिति में मिले।
जांच दल के अनुसार, दुर्घटना का असली कारण मानवीय भूल और सुरक्षा उपकरणों के प्रति घोर लापरवाही रही। सड़क के बीचों-बीच हुई टक्कर यह प्रमाणित करती है कि दोनों बाइकों की गति निर्धारित सीमा से कहीं अधिक थी, जिसके कारण चालकों को संभलने का न्यूनतम समय भी नहीं मिल सका।
यातायात प्रभारी उमेश सिंह ने जांच में पाया कि मृतकों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि टक्कर के बाद युवक सीधे सड़क पर गिरे और हेलमेट न होने के कारण उनके सिर पर लगी चोटें जानलेवा साबित हुईं।
अधिकारियों का मानना है कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता, तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। अब इस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।