
बलिया में बाढ़ का खतरा बढ़ा
Ballia: बाढ़ और बारिश के बीच बैरिया-संसार टोला बंधे ने गुरुवार सुबह अचानक जवाब दे दिया। सेमरिया ढाला के पास बंधे में करीब चार से पांच मीटर चौड़ा सुराख हो गया और ऊपर बनी सीसी सड़क का हिस्सा हवा में झूलने लगा। बंधा टूटने की खबर मिलते ही इलाके में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और लोगों की चिंता बढ़ गई।
दरअसल, यह खतरा अचानक नहीं आया था। ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक माह पहले ही बंधे में जल निगम की पाइपलाइन के आसपास रिसाव शुरू हो गया था। उस समय भी ग्रामीणों ने बड़े खतरे की आशंका जताई थी, लेकिन अस्थायी मरम्मत के बाद मामला टल गया। गुरुवार को गंगा के बढ़ते दबाव और लगातार बारिश के बीच वही कमजोर हिस्सा ध्वस्त हो गया।
सूचना मिलते ही लालगंज चौकी प्रभारी हरीश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। करीब छह घंटे तक बंधे पर आवागमन रोक दिया गया। वहीं बाढ़ खंड के एसडीओ एसके प्रियदर्शी आधा दर्जन अभियंताओं और कर्मचारियों के साथ पहुंचे।
बंधे को बचाने के लिए 50 से अधिक मजदूरों ने मोर्चा संभाला। मिट्टी, ईंट के टुकड़ों और बालू से भरी बोरियां डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया गया। दर्जनों ट्रैक्टरों से सामग्री पहुंचाई गई। हवा में लटक रही सीसी सड़क को जेसीबी से हटाकर उसके नीचे भराव कराया गया। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद आवागमन बहाल हो सका।
गंगा का बढ़ता दबाव बना आफत
एसडीओ एसके प्रियदर्शी ने बंधा टूटने के लिए जल निगम को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ और बारिश के समय बिना अनुमति बंधे को खोदकर पाइपलाइन डालने से उसकी मजबूती प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले में जल निगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बंधा टूटने की जानकारी पर पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। उन्होंने स्वयं ईंट से भरी बोरियां उठाकर मरम्मत कार्य में सहयोग किया। बैरिया विधायक जय प्रकाश अंचल ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली। पूर्व मंत्री भरत सिंह और इंजीनियर दिनेश सिंह भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंचे।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच बंधे की मरम्मत को लेकर ग्रामीणों की चिंता बरकरार है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कमजोर हिस्सा दोबारा नहीं संभला तो मुरारपट्टी, बहुआरा, लालगंज नई बस्ती, शिवपुर, दलकी नंबर-1, सूर्यभानपुर, चौबे की दलकी और गोपालपुर समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि केवल टूटे हिस्से की मरम्मत से काम नहीं चलेगा। पूरे बंधे की तकनीकी जांच कर कमजोर स्थानों को चिह्नित किया जाए और पाइपलाइन वाले हिस्से को स्थायी रूप से सुरक्षित किया जाए, ताकि अगली बार बाढ़ का दबाव लोगों के लिए संकट न बने।
Location : Ballia
Published : 4 September 2026, 1:35 AM IST