बाबा के पीछे ‘प्रहरी’ बने बजरंगबली, मुज़फ्फरनगर के शिव चौक पर पहुंची भव्य झांकी कांवड़, दर्शन को उमड़ी भीड़

मुज़फ्फरनगर के शिव चौक पर नोएडा के हबीबपुर गांव से आई 14 शिवभक्तों की विशाल झांकी कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी। भगवान भोलेनाथ के पीछे प्रहरी के रूप में विराजमान बजरंगबली की भव्य प्रतिमा और रंग-बिरंगी रोशनी से सजी झांकी देखने के लिए देर रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 12:21 PM IST

Muzaffarnagar: मुज़फ्फरनगर में देर रात आस्था का ऐसा नजारा दिखा, जिसने हर किसी के कदम रोक दिए। हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के बीच जैसे ही भगवान भोलेनाथ और उनके पीछे प्रहरी के रूप में विराजमान बजरंगबली की विशाल झांकी शिव चौक पहुंची, पूरा इलाका श्रद्धालुओं की भीड़ से भर गया। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाती इस अनोखी कांवड़ को देखने और दर्शन करने के लिए लोग घंटों तक सड़क किनारे खड़े रहे।

शिव चौक पर देखते ही रुक गए लोग

सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान मुज़फ्फरनगर का शिव चौक एक बार फिर आस्था के रंग में रंगा दिखाई दिया। रविवार रात करीब 10 बजे नोएडा के हबीबपुर गांव से आई 14 शिवभक्तों की टोली अपनी विशाल झांकी कांवड़ लेकर शिव चौक पहुंची। जैसे ही यह भव्य झांकी शहर में दाखिल हुई, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने मोबाइल फोन से इस अद्भुत दृश्य को कैमरे में कैद करते नजर आए, जबकि कई श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान भोलेनाथ और बजरंगबली के दर्शन करते दिखाई दिए।

भोलेनाथ और बजरंगबली की अनोखी झांकी

इस झांकी को ट्रॉली पर बेहद भव्य तरीके से तैयार किया गया था। चारों ओर आकर्षक लाइटिंग, सजावट और धार्मिक प्रतीकों ने इसकी सुंदरता को और बढ़ा दिया। रात के अंधेरे में रोशनी से जगमगाती यह झांकी दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। जैसे-जैसे झांकी आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की भीड़ भी उसके साथ चलती रही। कई लोगों ने सड़क किनारे रुककर पूजा-अर्चना की तो कई श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ इस भव्य दृश्य के दर्शन किए। पूरे इलाके में "हर-हर महादेव" और "जय श्रीराम" के जयघोष लगातार गूंजते रहे।

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हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर निकले हैं 14 शिवभक्त

इस विशाल झांकी को लेकर चल रही टोली नोएडा के हबीबपुर गांव की है। टोली में शामिल 14 शिवभक्त हरिद्वार की हरकी पैड़ी से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह पूरी यात्रा भगवान भोलेनाथ की भक्ति और श्रद्धा को समर्पित है। टोली के सदस्य बताते हैं कि वे प्रतिदिन करीब 20 से 25 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं। यात्रा के दौरान जहां भी यह झांकी पहुंचती है, वहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने के लिए रुक जाते हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालु उनका स्वागत भी करते हैं और बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

खर्च का कभी नहीं रखा हिसाब

झांकी तैयार कराने में कितना खर्च आया, इसका जवाब भी शिवभक्तों ने बेहद भावुक अंदाज में दिया। उनका कहना है कि जब बात भगवान भोलेनाथ की सेवा और भक्ति की हो, तब खर्च का हिसाब नहीं रखा जाता। शिवभक्तों ने बताया, "हम हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर आ रहे हैं। हमारी टीम में 14 शिवभक्त हैं। यह पूरी झांकी बाबा भोलेनाथ को समर्पित है। इसमें कितना खर्च हुआ, इसका हमने कभी हिसाब नहीं रखा। जहां-जहां यह झांकी पहुंचती है, लोग रुककर दर्शन करते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेते हैं।"

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सावन में आस्था का बढ़ता उत्साह

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। हर साल लाखों कांवड़िये हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचते हैं और शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान कई शिवभक्त अपनी आस्था को अनोखे और भव्य रूप में प्रस्तुत करने के लिए विशेष झांकियां भी तैयार कराते हैं।

देर रात तक जुटे रहे श्रद्धालु

विशाल झांकी के शिव चौक पहुंचने के बाद देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने परिवार के साथ दर्शन किए, तस्वीरें खिंचवाईं और भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना की। प्रशासन और स्वयंसेवकों की मौजूदगी में व्यवस्था भी सुचारु बनी रही।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  3 August 2026, 12:21 PM IST