
बहराइच: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भारत नेपाल के सीमावर्ती के बफर जोन में संचालित गैर मान्यता प्राप्त मदरसों पर सीज की कार्यवाही चल रही हैं। सरकारी जमीनों पर बने अवैध रूप से मदरसों पर अल्पसंख्यक अधिकारी द्वारा मदरसों के दस्तावेज जांच की जा रही।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक, बफर जोन में अवैध रुप से संचालित 10 मदरसों पर अभी तक सीज की कार्यवाही की जा चुकी है।
कब्रिस्तान की जमीन पर निर्माण
जिले में भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र नानपारा और मिहींपुरवा तहसील के बार्डर क्षेत्र के बफर जोन में अवैध रुप से संचालित मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों पर सीज की कार्यवाही की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र में संचालित मदरसे अधिकतर आरक्षित जमीन ग्राम पंचायत, खेत के मैदान और कब्रिस्तान की जमीन पर निर्माण पाए गए जिनके न कोई दस्तावेज, न छात्रों की उपस्थिति पंजिका और न ही आय - व्यय का रजिस्टर है।
इंडो नेपाल बार्डर ओपेन बार्डर
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय मिश्र ने बताया कि जिला भारत नेपाल सीमा पर स्थित है। इंडो नेपाल बार्डर ओपेन बार्डर है। ओपेन बार्डर की वजह से दोनों देशों के नागरिकों का निर्बाध आवागमन होता है। ऐसी स्थिति में अन्तर्राष्ट्रीय बार्डर पर सुरक्षा और संरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। इसको लेकर जो बार्डर क्षेत्र में बने मदरसें है। उनकी सघनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान ऐसे मान्यता प्राप्त मदरसे पा गए हैं, कि जो की सरकार की आरक्षित जमीन ग्राम पंचायत, खेल के मैदान, खलिहान और कब्रिस्तान की जमीनों पर अवैधकृति तरीके से निर्माण कर दिया गया है। ऐसे मदरसों को सीज किया जा चुका है।
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में जांच के दौरान सरकारी जमीनों पर संचालित मान्यता प्राप्त मदरसों पर सीज की कार्यवाही करते हुए, मदरसों के छात्रों को निकटतम प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों से सूचना मिलती थी, कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को न अंक पत्र और न ही सर्टिफिकेट मिलता है। जिससे छात्रों को बीजा पासपोर्ट और ड्राइवर लाइसेंस बनवाने में असुविधा होती है। ये एक बड़ी समस्या बन चुकी थी।
10 मदरसों पर सीज की कारवाई
गैर मान्यता प्राप्त मदरसें छात्रो के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। मदरसों के संचालनों से अपील की है कि ऐसे मदरसों का निर्माण बंद करें। ताकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो। इन मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। और भविष्य में बड़े कालेजोंं में पढ़ने और कंपीटिशन करने में पीछे रह जाते हैं। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के मदरसों सघनता से चेकिंग कर रहे हैं। और उनके दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। जांच में जो भी मदरसें अनियमित पाएं जा रहे हैं। उन मदरसों पर सीज की कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 10 मदरसों पर सीज की कारवाई की गई है।
Location : Bahraich
Published : 8 May 2025, 2:05 PM IST
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