बदायूं में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गौ रक्षा यात्रा पर विवाद, जानिये पूरा मामला

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ रक्षा यात्रा बदायूं पहुंचने के बाद विवादों में आ गई है। कथा व्यास पं. आचार्य मुमुक्षु कृष्ण ने यात्रा के स्वागत और आयोजन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि गौ रक्षा की बात करने वालों को अपने साथ जुड़े लोगों पर भी ध्यान देना चाहिए।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 28 June 2026, 5:46 PM IST

Badaun: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की देशव्यापी गौ रक्षा यात्रा बदायूं पहुंचने के बाद विवादों में घिर गई है। प्रसिद्ध कथा व्यास पंडित आचार्य मुमुक्षु कृष्ण ने यात्रा के स्थानीय आयोजन और स्वागत को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गौ रक्षा के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में ऐसे लोगों को भी प्रमुखता दी गई, जिन पर पहले गौ हत्या और गौ मांस भक्षण जैसे आरोप लगते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित लोगों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला?

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों देशभर में गौ रक्षा यात्रा निकाल रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को जन-जन तक पहुंचाना बताया जा रहा है। इसी क्रम में उनका काफिला बदायूं पहुंचा, जहां विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।यात्रा के दौरान हुए स्वागत समारोह के बाद ही यह विवाद सामने आया।

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कथा व्यास ने लगाए गंभीर आरोप

कथा व्यास पं. आचार्य मुमुक्षु कृष्ण ने कहा कि गौ रक्षा यात्रा का स्वागत ऐसे लोगों द्वारा किया जाना, जिनकी छवि गौ संरक्षण के अनुरूप नहीं मानी जाती, कई सवाल खड़े करता है।उन्होंने कहा कि जो लोग गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं, उन्हें यह भी देखना चाहिए कि उनके साथ मंच साझा करने वाले कौन लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों की मेजबानी स्वीकार करना गौ भक्तों और सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करता है। पं. मुमुक्षु कृष्ण ने शंकराचार्य से इस विषय पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की भी मांग की।

आयोजकों की ओर से नहीं आया जवाब

कथा व्यास के बयान के बाद जिले में धार्मिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि यात्रा के स्थानीय आयोजकों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, शंकराचार्य के समर्थकों का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को जोड़ते हुए गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उनका कहना है कि यात्रा को किसी विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इस विवाद के बाद विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का आरोप है कि धर्म और गौ रक्षा के मुद्दे पर दोहरे मानदंड अपनाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शंकराचार्य की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से कथा व्यास मुमुक्षु कृष्ण के आरोपों पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। उनकी गौ रक्षा यात्रा पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है। गौरतलब है कि शंकराचार्य लंबे समय से देशभर में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाते रहे हैं। बदायूं में उठे इस विवाद के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि शंकराचार्य या यात्रा के आयोजक इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

Location :  Badaun

Published :  28 June 2026, 5:46 PM IST