
दो मामलों में सिपाही-दरोगा पर कार्रवाई (IMG: Dynamite News)
Badaun: जनपद की थाना स्तरीय पुलिस व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पिछले करीब 15 दिनों के भीतर जरीफनगर और इस्लामनगर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोपों के बाद सिपाही से लेकर दरोगा तक पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन दोनों मामलों में थाना प्रभारियों की भूमिका अभी जांच के दायरे में है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहला मामला थाना जरीफनगर से जुड़ा है। 7 सितंबर की रात बस्तोई सीकरी चौकी प्रभारी दरोगा मनीष भारद्वाज अपनी टीम के साथ दूसरे चौकी क्षेत्र के दियोहरा शेखपुर गांव में दबिश देने पहुंचे थे। आरोप है कि एनडीपीएस एक्ट में वांछित एक व्यक्ति की तलाश में पुलिस टीम उसके घर में दाखिल हुई और परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता व मारपीट की गई।
परिवार की ओर से उच्चाधिकारियों से शिकायत किए जाने के बाद मामला सामने आया। इसके बाद एसएसपी अंकिता शर्मा ने कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके बाद एक अन्य सिपाही रॉबिन शर्मा को लाइन हाजिर किया गया।
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मामले की विभागीय जांच एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह को सौंपी गई है। जांच के दौरान थाना प्रभारी जरीफनगर बाबूराम गौतम से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट तैयार होने के अंतिम चरण में है और जल्द ही एसएसपी को भेजी जा सकती है।
अब जांच का अहम बिंदु यह है कि थाना क्षेत्र में तैनात पुलिस टीम द्वारा दूसरे चौकी क्षेत्र में रात के समय दबिश दिए जाने की जानकारी थाना प्रभारी को थी या नहीं और पूरे घटनाक्रम में उनकी निगरानी की क्या भूमिका रही।
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दूसरा मामला थाना इस्लामनगर से जुड़ा है। पुलिस टीम पर आरोप है कि तीन लोगों को अफीम के साथ पकड़ा गया था। आरोप है कि बाद में उनसे कथित तौर पर रकम लेकर उन्हें छोड़ दिया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और चार सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस मामले में भी थाना प्रभारी धनंजय सिंह की भूमिका जांच के दायरे में है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तीनों आरोपियों को अफीम के साथ पकड़े जाने और बाद में छोड़े जाने की जानकारी थाना स्तर पर थी या नहीं।
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जरीफनगर और इस्लामनगर की घटनाओं ने थाना स्तर पर पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामले में दूसरे चौकी क्षेत्र में दबिश देने का आरोप है, जबकि दूसरे मामले में मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए लोगों को कथित रूप से छोड़ने का मामला सामने आया है।
हालांकि, दोनों मामलों में थाना प्रभारियों की भूमिका को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि थाना प्रभारी स्तर पर कोई लापरवाही या संलिप्तता थी या नहीं।
एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह के अनुसार, दोनों मामलों की जांच चल रही है। जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें सिपाही से लेकर थाना प्रभारी तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जांच के दायरे से बाहर नहीं है।
फिलहाल दोनों मामलों में निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि थाना प्रभारियों के संबंध में फैसला जांच रिपोर्ट आने के बाद होने की बात कही जा रही है।
Location : Badau
Published : 23 September 2026, 1:55 PM IST
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