Ayodhya: ट्रस्ट के CEO पर उठे सवालों का पलटवार, पूर्व IPS की सफाई और चयन प्रक्रिया के आधिकारिक रिकॉर्ड ने किए सारे संशय दूर

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ चयन पर उठे विवाद के बीच ट्रस्ट ने प्रक्रिया की परतें खोल दी हैं। 5585 आवेदनों की एआई और विशेषज्ञ छंटनी के बाद इंटरव्यू पास कर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को दो सितंबर को सीईओ बनाया गया था, जिस पर अब सफाई आ गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 September 2026, 8:37 AM IST

Ayodhya: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद अब धीरे-धीरे साफ होने लगा है। ट्रस्ट ने पारदर्शी प्रक्रिया का हवाला देते हुए उन तमाम सवालों के जवाब दिए हैं जो हाल ही में एक पॉडकास्ट और पत्रों के जरिए उठाए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

कैसे हुई चयन प्रक्रिया?

ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि ने इस पूरी चयन प्रक्रिया से जुड़ी परतें खोलते हुए स्पष्ट किया है कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र बिना किसी प्रक्रिया के सीधे इस पद पर नहीं पहुंचे हैं।

5,500 से अधिक आवेदन: छह जुलाई को गठित की गई खोज समिति को सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे।

एआई और विशेषज्ञों का मूल्यांकन: पहले चरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्क्रीनिंग की गई, जिसके बाद विशेषज्ञों ने आवेदनों का मैनुअल मूल्यांकन किया।

16 अंतिम उम्मीदवार: कड़े मूल्यांकन के बाद अंतिम चरण के लिए केवल 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया।

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साक्षात्कार और नियुक्ति: अयोध्या में 11 और 12 अगस्त को सभी 16 अभ्यर्थियों के आमने-सामने इंटरव्यू लिए गए। जितेंद्र मिश्र ने 11 अगस्त की पहली पाली में अपना साक्षात्कार दिया था। इसके बाद, एक सितंबर को खोज समिति ने तीन प्रमुख नाम ट्रस्ट के सामने रखे, जिसमें जितेंद्र मिश्र के साथ अन्य नाम भी शामिल थे। महज अगले दिन, दो सितंबर को जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का नया सीईओ घोषित कर दिया गया।

विवाद की शुरुआत और सफाई

इस पूरी नियुक्ति पर सवाल तब खड़े हुए जब पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय ने एक पॉडकास्ट में कुछ बयान दिए। उनके इन बयानों का हवाला देते हुए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट को पत्र लिखकर चयन प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिए।

मामला तूल पकड़ता देख पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके बयानों को गलत संदर्भ में पेश किया गया था। पांडेय ने साफ किया कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा था कि जितेंद्र मिश्र ने इंटरव्यू नहीं दिया था। वहीं, ट्रस्ट ने भी दोहराया है कि चयन के हर एक चरण का आधिकारिक रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित है।

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आगे की क्या है तैयारी?

विवादों और चर्चाओं के बीच, ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में कार्यभार संभाल चुके सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र अब 21 सितंबर को फिर से अयोध्या पहुंचेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान मंदिर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद वह हाल ही में दिल्ली लौटे थे।

अपने पिछले प्रवास के दौरान उन्होंने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं, चल रहे निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया था। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें भी हुई थीं। अब अपने आगामी दौरे पर उनका मुख्य जोर इन व्यवस्थाओं को गति देने और नई कार्ययोजनाओं को तेजी से अमलीजामा पहनाने पर रहेगा।

Location :  Ayodhya

Published :  16 September 2026, 8:37 AM IST