Ayodhya News: ‘मैंने तो चिट्ठी देखी भी नहीं…’ चंपत राय के पत्र से जुड़े सवाल पर नृपेंद्र मिश्र का दोटूक जवाब

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि तय 70 में से लगभग 60 काम पूरे कर ट्रस्ट को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी सरकारी फंड का उपयोग नहीं हुआ है। अब रामकथा म्यूजियम और ऑडिटोरियम के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 21 August 2026, 12:35 PM IST

Ayodhya: निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या में राम मंदिर और उसके परिसर के निर्माण कार्य के बारे में अहम जानकारी दी है। बैठक के दूसरे दिन उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए तय 70 कामों में से लगभग 60 काम पूरे हो चुके हैं। पूरे हो चुके कामों को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है।

मंदिर निर्माण में सरकारी फंड का इस्तेमाल नहीं

नृपेंद्र मिश्र ने साफ किया कि राम मंदिर और उसके परिसर के निर्माण में केंद्र या राज्य सरकार के फंड का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इन कामों का खर्च ट्रस्ट द्वारा जुटाए गए फंड से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों भक्तों के लंबे समय से देखे जा रहे सपने के सच होने जैसा है।

ये भी पढ़ें - Ayodhya School Rule: सरकारी स्कूलों में अचानक नहीं घुस सकेंगे YouTubers और Influencers, BSA ने जारी किया सख्त आदेश

पूरे हो चुके ढांचों का प्रबंधन ट्रस्ट करेगा

समिति के चेयरमैन के अनुसार, निर्माण के पूरे हो चुके कामों की जिम्मेदारी अब ट्रस्ट की होगी। ट्रस्ट इन परिसरों और ढांचों के रखरखाव की देखरेख भी करेगा। इस बीच बारिश के मौसम में मंदिर परिसर में पानी जमा होने की समस्या से निपटने के लिए एक योजना बनाई जा रही है। इसमें बारिश के पानी की आसानी से निकासी सुनिश्चित करने के लिए सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम को मुख्य नाले से जोड़ना शामिल है।

म्यूज़ियम और ऑडिटोरियम पर ध्यान

अब रामकथा म्यूजियम, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट ऑफिस के निर्माण पर खास ध्यान दिया जा रहा है। म्यूजियम की सातवीं गैलरी के निर्माण में लगभग पांच करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। म्यूजियम में आने वाले लोगों से एंट्री फीस ली जाएगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा।

ये भी पढ़ें - Ayodhya News: राम मंदिर CEO पद के इंटरव्यू की खास बातें, पूर्व IAS और IPS से पूछे गए सवाल आए सामने

चंपत राय के पत्र पर टिप्पणी

जब उनसे चंपत राय द्वारा लिखे गए पत्र में अपना नाम आने के बारे में पूछा गया, तो नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि उन्होंने वह पत्र देखा भी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।

मंदिर के CEO की नियुक्ति प्रक्रिया से खुद को अलग रखा

राम मंदिर के CEO की नियुक्ति के लिए चल रहे इंटरव्यू के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए नृपेंद्र मिश्र ने साफ किया कि वह इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

Location :  Ayodhya

Published :  21 August 2026, 12:35 PM IST