राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की युवाओं को सलाह; नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें

प्रयागराज में आयोजित पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाला बनने का संदेश दिया। उन्होंने गुजरात और महाराष्ट्र के जल प्रबंधन का उदाहरण देते हुए पानी, कचरा प्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य जैसी स्थानीय समस्याओं पर स्टार्टअप शुरू करने की अपील की। कार्यक्रम में करीब 1,200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 4 November 2026, 9:53 PM IST

Prayagraj News: युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में 'पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान पर आधारित स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें और विकसित भारत @2047 के संकल्प में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलाधिपति के आगमन के बाद वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की नवीन शैक्षिक सुविधाओं का लोकार्पण किया और स्टार्टअप प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका अवलोकन किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने राष्ट्रगीत और कुलगीत प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया।

स्टार्टअप से पर्यटन और स्थानीय समस्याओं को जोड़ने पर जोर

विषय प्रवर्तन करते हुए विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबडे ने कहा कि नीतियों के माध्यम से नवाचार और नए विचारों को प्रोत्साहित किया जा सकता है। उन्होंने वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे शहरों में पर्यटन को स्टार्टअप से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही पूर्वांचल के SWOT विश्लेषण और विश्वविद्यालय नेटवर्क 'समर्थ से सामर्थ्य' के बारे में अपने विचार रखे।

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एकेटीयू के कुलपति प्रो. जय प्रकाश पाण्डेय ने संवाद की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने एप्पल, गूगल, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सभी स्टार्टअप के रूप में शुरू हुए थे। उन्होंने 'फिजिक्स वाला' जैसे स्वदेशी स्टार्टअप का उल्लेख कर युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया।

तकनीकी सत्रों में नवाचार और वित्तीय सहायता की जानकारी

तकनीकी सत्र में डॉ. अभय जेरे ने डिजाइन थिंकिंग और नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने शोधार्थियों के नए विचारों को प्रोत्साहित करने तथा विश्वविद्यालयों में एक से दो सप्ताह का अनिवार्य डिजाइन थिंकिंग कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया। दूसरे सत्र में यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित राजेश महाजन ने डीप टेक स्टार्टअप के लिए सीड कैपिटल, प्रोटोटाइप अनुदान और 40 करोड़ रुपये तक के पेशेंस कैपिटल सहित वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी दी। प्रो. एसपी मिश्र ने प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की जरूरत बताई।

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जल संकट के उदाहरण देकर राज्यपाल ने किया प्रेरित

समापन सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुजरात और महाराष्ट्र में जल प्रबंधन के प्रयासों का उदाहरण देते हुए कहा कि समस्याएं ही नवाचार को जन्म देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पानी, कचरा प्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य जैसी स्थानीय समस्याओं को स्टार्टअप का आधार बनाने की अपील की। उन्होंने धैर्य और निरंतरता के साथ काम करने का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम में आइडियाथॉन विजेताओं को पुरस्कार दिए गए और एकेटीयू के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। पैनल चर्चा में सिडबी के उप महाप्रबंधक प्रत्यूष मिश्र, निवेशक अमित सिंघल और सफल स्टार्टअप संस्थापक शामिल हुए। कार्यक्रम में लगभग 1,200 प्रतिभागियों, महाविद्यालयों के प्राचार्यों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों की उपस्थिति रही। राष्ट्रगान के साथ आयोजन का समापन हुआ।

Location :  Prayagraj

Published :  4 November 2026, 9:53 PM IST