
मछली के बीज छोड़े गए (Img: Dynamite News)
Amethi: अमेठी की मुसाफिरखाना तहसील स्थित इसौली घाट पर गोमती नदी के जलीय पर्यावरण और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देने के लिए रिवर रैचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने नदी में 50 हजार मछली के बच्चे (फिंगरलिंग्स) प्रवाहित किए। कार्यक्रम के दौरान सीडीओ पूजा साहू ने मत्स्य पालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत गुरुवार को मुसाफिरखाना तहसील के निजामुद्दीनपुर गांव स्थित इसौली घाट पर रिवर रैचिंग कार्यक्रम और गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने किया। उन्होंने गोमती नदी के जलीय पर्यावरण और पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से मछली के बच्चों को नदी में प्रवाहित किया। इस दौरान कुल 0.50 लाख यानी 50 हजार मछली के बच्चों का गोमती नदी में प्रवाह किया गया।
ये भी पढ़ें: Amethi Crime: अमेठी में चोरी की 6 बाइक के साथ 3 गिरफ्तार, नंबर प्लेट मिटाकर ऐसे छिपाते थे पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने कहा कि नदियों के जलीय पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने और मत्स्य संपदा के संरक्षण के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि नदी में मछली के बच्चों के प्रवाह से मत्स्य संसाधनों के संवर्धन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने मत्स्य संपदा के संरक्षण और नदी के जलीय पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए इस तरह की पहल को जरूरी बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पात्र लाभार्थियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। सीडीओ ने मत्स्य पालकों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना समेत कई योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा निषादराज बोट सब्सिडी योजना और मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना के बारे में भी बताया गया।
ये भी पढ़ें: Amethi: अमेठी दोहरे हत्याकांड में 9 साल बाद फैसला, पांच दोषियों को उम्रकैद
कार्यक्रम में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और विभागीय योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने मत्स्य पालकों को योजनाओं का लाभ लेने और मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। गोमती नदी में 50 हजार मछली के बच्चों के प्रवाह को नदी के जलीय पर्यावरण और मत्स्य संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
Location : Amethi
Published : 8 October 2026, 8:33 PM IST