अमेठी में नए नोटों की किल्लत, बाजार में मचा खेल, डेढ़ गुना दाम पर बिक रहीं गड्डियां

अमेठी में सहालग के दौरान नए नोटों की भारी कमी सामने आई है। बैंक नई करेंसी न होने की बात कह रहे हैं, जबकि बाजार में गड्डियां तय कीमत से डेढ़ गुना दाम पर बिक रही हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 13 February 2026, 11:34 PM IST

Amethi: शादी की शहनाइयों के बीच अमेठी में एक और ‘संकट’ ने दस्तक दे दी है। नए नोटों की किल्लत ने मांगलिक कार्यक्रमों की रौनक पर असर डाल दिया है। हालात ऐसे हैं कि बैंक खाली हाथ लौटा रहे हैं और बाजार में वही नोट डेढ़ गुना दाम पर खुलेआम बिक रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर नई करेंसी जा कहां रही है?

उत्तर प्रदेश के अमेठी में सहालग के सीजन के चलते 10, 20, 50 और 100 रुपये के नए नोटों की मांग अचानक बढ़ गई है। शादी वाले घरों में नोटों की माला और नेग के लिए नई गड्डियां जरूरी मानी जाती हैं। लेकिन बैंक शाखाओं में खाताधारकों को यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि नई करेंसी उपलब्ध नहीं है। दूसरी तरफ बाजार में पूजा सामग्री और नोटों की माला बेचने वाली दुकानों पर नई गड्डियां आसानी से मिल रही हैं, मगर ऊंची कीमत पर।

तय कीमत से ज्यादा वसूली

जानकारी के मुताबिक 10 रुपये के 100 नए नोटों की गड्डी 1600 से 1700 रुपये तक बेची जा रही है। 20 रुपये के नोटों की गड्डी 2400 रुपये में मिल रही है, जबकि 50 रुपये की गड्डी पर करीब 500 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। शादी की तैयारियों में जुटे परिवार मजबूरी में यह अतिरिक्त रकम चुका रहे हैं। इससे साफ है कि मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होने का फायदा कुछ लोग उठा रहे हैं।

आम लोगों की परेशानी

State Bank of India की गौरीगंज शाखा पहुंचे रामकृपाल बताते हैं कि बेटी की शादी 19 फरवरी को है, लेकिन नई करेंसी नहीं मिल पा रही। करुणशंकर और सूरजदीन जैसे कई लोग कई दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि खाते में पैसा है, लेकिन नई गड्डियां नहीं मिल रहीं।

आरबीआई की गाइडलाइन क्या कहती है

भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार मुद्रा उसी मूल्य पर प्रचलित होती है, जो उस पर अंकित है। नोटों को स्टेपल करना प्रतिबंधित है, लेकिन बाजार में माला के रूप में इनकी बिक्री जारी है। बैंक शाखाओं में नई करेंसी न होने और खुले बाजार में ऊंची दर पर उपलब्धता कई सवाल खड़े कर रही है।

प्रशासन क्या कह रहा

एलडीएम राजीव पांडेय का कहना है कि जिले की करेंसी चेस्ट में नई करेंसी उपलब्ध नहीं है और आरबीआई को मांग भेजी गई है। उपलब्ध होते ही शाखाओं में आपूर्ति की जाएगी। वहीं बाजार में ऊंची दर पर बिक्री को प्रशासनिक जांच का विषय बताया गया है। शादी-ब्याह के इस सीजन में नए नोटों का संकट लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन कालाबाजारी पर कब तक लगाम लगाता है।

Location : 
  • Amethi

Published : 
  • 13 February 2026, 11:34 PM IST