UP Election 2027: अमेठी में कभी कांग्रेस का राज, अब भाजपा-सपा के बीच सियासी मुकाबला… जानिए पूरा इतिहास

अमेठी विधानसभा सीट का पूरा चुनावी इतिहास जानें। पिछले पांच चुनावों में भाजपा, सपा और कांग्रेस का प्रदर्शन, 2022 के नतीजे और 2027 से पहले जातीय समीकरण की पूरी जानकारी।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 21 October 2026, 3:08 AM IST

Amethi: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच अमेठी विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास एक बार फिर चर्चा में है। कभी कांग्रेस के प्रभाव वाली इस सीट पर भारतीय जनसंघ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) भी अपनी ताकत दिखा चुकी हैं। पिछले पांच विधानसभा चुनावों के नतीजे बताते हैं कि यहां किसी एक दल का लगातार दबदबा नहीं रहा। वर्ष 2002 और 2017 में भाजपा, 2012 और 2022 में सपा, जबकि 2007 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में आगामी चुनाव से पहले इस सीट के पुराने नतीजों और सामाजिक समीकरणों को समझना महत्वपूर्ण है।

1957 में बनी अलग पहचान, शुरुआती दौर में कांग्रेस का प्रभाव

अमेठी विधानसभा सीट 1957 में अपने स्वतंत्र स्वरूप में अस्तित्व में आई। इस चुनाव में कांग्रेस के रामकांत सिंह ने जीत दर्ज की और निर्दलीय उम्मीदवार बिजई पाल को 8,811 वोटों से हराया। 1962 में कांग्रेस के वैद्य बैजनाथ सिंह भी विजयी रहे। हालांकि, 1967 और 1969 के चुनावों में भारतीय जनसंघ ने जीत हासिल कर कांग्रेस को चुनौती दी। 1974 में कांग्रेस ने फिर वापसी की, जबकि 1977 में जनता पार्टी के हरिचरण यादव विधायक बने।

1980 के दशक में कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की। 1980 में राजकुमार संजय सिंह ने जीत दर्ज की। इसके बाद 1985, 1989 और 1991 में भी कांग्रेस उम्मीदवारों ने लगातार सफलता हासिल की। वर्ष 1993 में भाजपा ने पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की, जबकि 1996 में कांग्रेस फिर विजयी हुई। यह इतिहास बताता है कि अमेठी में समय-समय पर मतदाताओं का रुझान बदलता रहा है।

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पिछले पांच चुनावों में भाजपा और सपा ने दो-दो बार मारी बाजी

वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की अमिता सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार को 18,765 वोटों से हराया। 2007 में अमिता सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ीं और उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद 2012 में सपा के गायत्री प्रसाद ने कांग्रेस की अमिता सिंह को 8,760 वोटों से पराजित किया। वर्ष 2017 में भाजपा की गरिमा सिंह ने सपा के गायत्री प्रसाद को 5,065 वोटों से हराकर सीट अपने नाम की।

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा की महाराजी प्रजापति ने भाजपा के डॉ. संजय सिंह को 18,096 वोटों से हराया। महाराजी प्रजापति को 88,217 वोट मिले, जबकि डॉ. संजय सिंह को 70,121 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस के आशीष शुक्ला 14,080 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस तरह पिछले पांच चुनावों में भाजपा और सपा ने दो-दो बार तथा कांग्रेस ने एक बार जीत दर्ज की।

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जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे निभा सकते हैं अहम भूमिका

अमेठी विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के मतदाताओं की करीब 20 प्रतिशत और क्षत्रिय मतदाताओं की लगभग 18 प्रतिशत बताई जाती है। यादव मतदाता करीब 9 प्रतिशत और मुस्लिम मतदाता लगभग 8 प्रतिशत बताए जाते हैं। ये आंकड़े अनुमानित हैं, इन्हें आधिकारिक मतदाता सूची के सत्यापित जातिवार आंकड़े नहीं माना जाना चाहिए।

2027 के चुनाव में इन सामाजिक समीकरणों के साथ उम्मीदवारों की छवि, स्थानीय विकास, रोजगार, सड़क, शिक्षा और अन्य क्षेत्रीय मुद्दे भी मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल चुनाव में किस दल को बढ़त मिलेगी, यह कहना जल्दबाजी होगी। पिछले नतीजे इतना जरूर दिखाते हैं कि अमेठी में मुकाबला बदलता रहा है और आगामी चुनाव में भी राजनीतिक दलों के सामने मतदाताओं का भरोसा जीतने की चुनौती होगी।

Location :  amethi

Published :  21 October 2026, 6:25 AM IST