समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार के 10वें बजट को ‘विदाई बजट’ बताते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने बजट को दिखावटी करार दिया और किसानों, बेरोजगारी, GSDP आंकड़ों व MSME रजिस्ट्रेशन को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

Akhilesh Yadav
Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार के 10वें बजट पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे सीधे तौर पर “विदाई बजट” करार देते हुए बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बजट जनता को गुमराह करने वाला है और अब प्रदेश से बीजेपी की विदाई तय है।
9 लाख करोड़ का बजट, लेकिन खर्च कितना?
अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया की शुरुआत एक तंज भरी पहेली से की—“जब मुंह खोला तब बुरा बोला।” उन्होंने कहा कि सरकार 9 लाख करोड़ रुपये के बजट को ऐतिहासिक बता रही है, जबकि हर साल बजट का आकार बढ़ता ही है। असली सवाल यह है कि पिछले बजटों का कितना पैसा जमीन पर खर्च हुआ? उनका दावा है कि सरकार 50 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं कर पाती, जिससे योजनाएं अधूरी रह जाती हैं।
किसानों और बेरोजगारी पर सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि अमेरिका से हुई ट्रेड डील का असर सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ेगा, लेकिन इस बजट में किसानों को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि न किसानों की आय दोगुनी हुई और न ही बेरोजगारी कम हुई। डबल इंजन सरकार में बेरोजगारी चरम पर है और युवाओं को रोजगार के नाम पर सिर्फ वादे मिले हैं।
GSDP के आंकड़ों पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार के GSDP दावों पर भी सवाल उठाए। सरकार का कहना है कि 2025-26 में प्रदेश की GSDP 30.25 लाख करोड़ रुपये होगी। इस पर सपा प्रमुख ने कहा कि अगर यूपी को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है तो GSDP कम से कम 90 लाख करोड़ रुपये होनी चाहिए। मौजूदा आंकड़े और घोषित लक्ष्य में बड़ा अंतर है, जो सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करता है।
MSME पर भी सरकार घिरी
अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में 92 लाख MSME हैं, लेकिन उनमें से 82 लाख अब तक रजिस्टर्ड नहीं हैं। उन्होंने पूछा कि दस साल में इतनी बड़ी संख्या में इकाइयां रजिस्टर्ड क्यों नहीं हो सकीं? उनका कहना है कि अमेरिका ट्रेड डील के बाद किसानों के साथ-साथ MSME सेक्टर पर भी असर पड़ेगा, लेकिन सरकार ने इस पर ठोस रणनीति पेश नहीं की।
अखिलेश यादव ने बजट को “धोखाधड़ी और दिखावे” का दस्तावेज बताते हुए जनता से सतर्क रहने की अपील की। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में भी कई योजनाएं कागजों तक सीमित रह गईं। अब इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत और गरमाने के आसार हैं।