बरेली में AIMIM ने मस्जिद तोड़फोड़ के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने प्रशासन पर अदालत के आदेशों की अनदेखी और धार्मिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।

AIMIM का प्रदर्शन
Bareilly: मस्जिद पर बुल्डोजर कार्रवाई को लेकर सियासत और सियासी गर्मी तेज हो गई है। AIMIM पार्टी ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताते हुए जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि अदालतों से जुड़े मामलों के बावजूद मस्जिद को तोड़ना सीधे तौर पर संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है, खासकर तब जब रमजान का पवित्र महीना सिर पर है।
बरेली में आज ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM पार्टी ने उत्तर प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी और जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। यह ज्ञापन भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया स्थित आलाहजरत मस्जिद पर 7 फरवरी को की गई बुल्डोजर कार्रवाई के विरोध में दिया गया।
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AIMIM नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने मस्जिद को अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया, जबकि मस्जिद इंतजामिया कमेटी पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी थी कि इस मस्जिद से जुड़ा मुकदमा वर्ष 1996 और 2014 में कमेटी जीत चुकी है। इसके अलावा 2022 में आए फैसले के बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने न तो हाईकोर्ट और न ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया।
पार्टी का आरोप है कि गांव पिपरिया में करीब 3500 से 4000 की मुस्लिम आबादी है और पूरे गांव में यही एकमात्र मस्जिद थी, जहां लोग नमाज अदा करते थे। मस्जिद को तोड़कर प्रशासन ने मुसलमानों को उनके संवैधानिक इबादत के अधिकार से वंचित कर दिया है। AIMIM नेताओं ने इसे धार्मिक उत्पीड़न करार दिया।
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ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि जब तक हाईकोर्ट इलाहाबाद में अपील का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक गांव घघोरा पिपरिया के लोगों को आलाहजरत मस्जिद में नमाज और धार्मिक गतिविधियों की अनुमति पहले की तरह दी जाए। साथ ही जिन अधिकारियों ने गैरकानूनी तरीके से बुल्डोजर कार्रवाई की, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट, प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी, महानगर अध्यक्ष युवा इकाई युसूफ अली, मस्जिद मुतावल्ली मोहम्मद इकबाल सहित अफसर अली, जाहिद, कमरूल हसन, आरिफ, हनीफ अहमद, जाहिद अली और अलीम समेत कई लोग मौजूद रहे।