इटावा के हालुपुरा गांव में अवैध रिश्ते और पारिवारिक विवाद के चलते 50 वर्षीय अनिल की मौत हो गई। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है, जबकि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मामला अब जांच के दायरे में है।

Symbolic Photo
Etawah: अवैध रिश्तों की आंच जब जुनून और गुस्से से मिलती है तो अंजाम अक्सर खून में डूबा होता है। यूपी के इटावा में ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रिश्तों की उलझन, पुराना प्रेम संबंध और टूटे भरोसे ने एक अधेड़ की जान ले ली। तमंचे की एक गोली ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया और पीछे रह गया सवालों का ऐसा जाल, जो अब पुलिस जांच का हिस्सा बन चुका है।
दस साल का रिश्ता, दो महीने की दूरी
बताया जाता है कि ग्राम हालुपुरा निवासी 50 वर्षीय अनिल का अपने साले की पत्नी से करीब दस साल से अफेयर चल रहा था। रिश्ते सामने आने पर महिला के पति ने उसे घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह औरैया स्थित मायके में रहने लगी। यहीं अनिल का आना-जाना बढ़ा और दोनों साथ रहने लगे। महिला के तीन बच्चे हैं, जिनकी शादियां हो चुकी हैं। अनिल के भी तीन बच्चे थे, जिनमें एक बेटे की पहले ही मौत हो चुकी थी और पत्नी की दो साल पहले जलकर मौत हो गई थी।
झगड़ा, जिद और इनकार
करीब दो महीने पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और महिला अपनी ससुराल लौट गई। अनिल उसे मनाने वहां पहुंचा, लेकिन महिला ने साथ जाने से साफ मना कर दिया। आरोप है कि अनिल अक्सर उसके साथ मारपीट करता था, जिससे तनाव और बढ़ गया। जब बात नहीं बनी और विवाद सुलझा नहीं, तो गुस्से और हताशा में अनिल ने तमंचे से खुद को गोली मार ली।
मौके पर हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिवारवालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है।
परिजनों का आरोप: आत्महत्या नहीं, हत्या
मृतक की बेटी सोनी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर अपनी मामी और मामा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि सुनियोजित तरीके से उसके पिता को बुलाया गया और गोली मारकर हत्या की गई। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।