प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमित छापेमारी होती रही, तो खजनी क्षेत्र में अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लग सकती है। फिलहाल प्रशासन की सख्ती से खनन माफियाओं में डर का माहौल बना हुआ है।

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Gorakhpur: खजनी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अवैध खनन की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। शिकायतों के क्रम में आज खजनी के एसडीएम राजेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम अचानक खनन क्षेत्र में पहुंची। प्रशासनिक काफिले में एडीएम की गाड़ी को देखते ही अवैध खनन में लगे अन्य लोडर और वाहन मौके से फरार हो गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कार्रवाई के दौरान एक जेसीबी मशीन को राजस्व टीम ने मौके पर ही पकड़ लिया। उक्त जेसीबी को जब्त कर थाना खजनी भेज दिया गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
अपने वाहन छोड़कर भागे अवैध खनन करने वाले
खजनी थाना क्षेत्र के केवटली गांव में लंबे समय से मिट्टी के अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह ने राजस्व विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शनिवार को अचानक पहुंचे प्रशासनिक काफिले को देखकर अवैध खनन में लगे लोग अपने वाहन छोड़कर भाग निकले।
क्या है मामला?
राजस्व विभाग द्वारा पकड़ी गई जेसीबी के संबंध में बताया गया कि शनिवार को 3:30 बजे उपेन्द्र कुमार पाण्डेय पुत्र जगदीश पाण्डेय निवासी केवटली थाना खजनी द्वारा गांव में जेसीबी से मिट्टी का खनन किया जा रहा था। जांच के दौरान खनन से संबंधित कोई वैध अनुज्ञा पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके चलते राजस्व विभाग ने जेसीबी मशीन को कब्जे में लेकर थाना खजनी में दाखिल कराया।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
इस पूरे मामले में खजनी थाना प्रभारी निरीक्षक जयंत सिंह ने बताया कि जेसीबी को नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई के तहत सीज कर दिया गया है और खनन से संबंधित सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का खनन कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खनन माफियाओं में डर का माहौल
प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमित छापेमारी होती रही, तो खजनी क्षेत्र में अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लग सकती है। फिलहाल प्रशासन की सख्ती से खनन माफियाओं में डर का माहौल बना हुआ है।