परिषद में पीडीए को लेकर भी सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मंत्री नरेन्द्र कुमार कश्यप ने कहा कि सरकार ही पिछड़ों की असली हितैषी है। भाजपा के राम गोपाल ने सपा के पीडीए को “परमानेंट डिवीजन एसोसिएशन” बताते हुए इसे धोखा करार दिया।

अब्बास अंसारी
Lucknow: अब्बास अंसारी ने विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें नहीं पता कि आगे कभी सदन में बोलने का मौका मिलेगा या नहीं। मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी अपने क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठा रहे थे।
जब उनका निर्धारित समय समाप्त हुआ तो अधिष्ठाता मनोज पांडेय ने उन्हें रोक दिया। इस पर अब्बास ने कहा, “मुझे सिर्फ 30 सेकंड और दे दीजिए। चार साल में पहली बार बोलने का मौका मिला है। मेरी मजबूरी को समझिए। मेरा तो यह भी नहीं ठिकाना है कि कब तक बोलने का मौका मिलेगा, आप जानते हैं।” अधिष्ठाता ने जवाब दिया कि उन्हें आगे भी बोलने का अवसर मिलेगा। इसके बाद अब्बास ने दोहराया कि उनके इलाके में डॉक्टरों और स्पेशलिस्ट की भारी कमी है, जिससे जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विधान परिषद में शंकराचार्य को लेकर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
विधान परिषद में बृहस्पतिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। समाजवादी पार्टी के सदस्य मुकुल यादव ने आरोप लगाया कि प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के साथ अभद्रता हुई और उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाणपत्र मांगा गया। उन्होंने कहा कि वह नौ दिन धरने पर रहे और बिना स्नान किए लौट गए। साथ ही शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने की मांग भी उठाई।
इसके जवाब में भाजपा के ऋषिपाल सिंह ने कहा कि शंकराचार्य को स्नान से नहीं रोका गया। उन्होंने 2015 में सपा सरकार के दौरान लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए पलटवार किया। भाजपा के गोविंद नारायण शुक्ला ने राज्यपाल के अभिभाषण को 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक बताया। वहीं डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार का दावा किया। डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने ओडीओपी, ओडीओसी और एक जिला एक खेल जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे जिलों को आत्मनिर्भरता मिल रही है। अन्य सदस्यों ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पीडीए पर भी गरमाई बहस
परिषद में पीडीए को लेकर भी सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मंत्री नरेन्द्र कुमार कश्यप ने कहा कि सरकार ही पिछड़ों की असली हितैषी है। भाजपा के राम गोपाल ने सपा के पीडीए को “परमानेंट डिवीजन एसोसिएशन” बताते हुए इसे धोखा करार दिया। वहीं सपा के मानसिंह यादव ने आरोप लगाया कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण में गड़बड़ी हुई है और नए शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष बिना भर्ती किए इस्तीफा देकर चली गई।
“विपक्ष के 70 साल का कूड़ा साफ कर रहे हैं”
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने प्रयागराज में 400 टन कचरे से बने शिवालिक पार्क और लखनऊ के घैला क्षेत्र में कूड़ा हटाकर बनाए गए राष्ट्र प्रेरणा स्थल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के 70 साल के कूड़े को साफ किया जा रहा है। आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। इस तरह विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में स्वास्थ्य, धर्म, आरक्षण और विकास के मुद्दों पर जमकर राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली।