जेल की सलाखों के बीच दिखा भाई-बहन के प्रेम का अनूठा संगम, 1113 बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी

जिला कारागार गोरखपुर में भावनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच भी भाई-बहन के अटूट रिश्ते की गर्माहट का अहसास कराया। बंदी भाइयों से मिलने पहुंची बहनों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 28 August 2026, 7:11 PM IST

गोरखपुर: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को जिला कारागार गोरखपुर में भावनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच भी भाई-बहन के अटूट रिश्ते की गर्माहट का अहसास कराया। बंदी भाइयों से मिलने पहुंची बहनों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की। इस दौरान कई बहनें अपने भाइयों से मिलकर भावुक भी हो उठीं।
रक्षाबंधन के अवसर पर जेल प्रशासन ने बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात के लिए विशेष इंतजाम किए थे।

कारागार के बाहर टेंट, कुर्सी, कूलर और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई। वहीं कारागार के भीतर बहनों के लिए निःशुल्क राखी, रोली और मिठाई उपलब्ध कराई गई। सुरक्षा को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर अतिरिक्त महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

सुबह साढ़े सात से शाम पांच बजे तक चली मुलाकात

कारागार में मुलाकात का सिलसिला सुबह करीब 7:30 बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चला। पूरे दिन मुलाकात को 10 पालियों में व्यवस्थित किया गया। इस दौरान कुल 1408 लोग अपने बंदी परिजनों से मिलने जिला कारागार पहुंचे। इनमें 1113 महिलाएं, 271 बच्चे और 24 पुरुष शामिल रहे।

बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें मिठाई खिलाई और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। लंबे समय बाद मुलाकात का अवसर मिलने पर कई परिवारों के बीच भावुक क्षण भी देखने को मिले। कुछ बहनों की आंखों में खुशी के साथ अपनों से दूर रहने का दर्द भी साफ नजर आया।

जेल प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय राय के नेतृत्व में आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रखी गई।

जेल अधीक्षक डीके पाण्डेय और जेलर कुंज बिहारी सिंह ने जेल रेडियो के माध्यम से बंदियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
पूरे आयोजन के दौरान डिप्टी जेलर विजय कुमार, आदित्य कुमार, कृष्णकुमारी समेत कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी व्यवस्थाओं में मुस्तैद रहे। प्रशासन की विशेष पहल से जेल में बंद भाइयों को भी परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने का अवसर मिला।

आयोजन ने यह संदेश दिया कि कानूनी प्रक्रिया के बीच भी मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक रिश्तों को जीवंत रखने के प्रयास जरूरी हैं।

Location :  Gorakhpur

Published :  28 August 2026, 7:11 PM IST