उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ जहांगीराबाद गांव में रहने वाले एक 68 वर्षीय पुजारी ने अपनी गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव से तंग आकर अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली।

रायबरेली से चौंकाने वाला मामला
Raebareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ जहांगीराबाद गांव में रहने वाले एक 68 वर्षीय पुजारी ने अपनी गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव से तंग आकर अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। गोली लगने से पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान करुणा शंकर पांडेय (68) के रूप में हुई है, जो जहांगीराबाद गांव स्थित भोलेनाथ मंदिर में पुजारी थे। परिजनों के अनुसार, करुणा शंकर पिछले कई वर्षों से सांस की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। बीमारी के कारण वे काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।
मंगलवार तड़के करीब 4 बजे, जब घर के सभी सदस्य सो रहे थे, उन्होंने घर में रखी अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण तुरंत उनके कमरे की ओर भागे, जहाँ उन्होंने करुणा शंकर को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा पाया।
STF UP की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की GST चोरी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब, कई आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही डलमऊ कोतवाली प्रभारी राघवन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में प्राथमिक कारण लंबी बीमारी और मानसिक तनाव सामने आया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
कौशाम्बी में डीएम की एक समीक्षा बैठक और कई विभाग रडार पर, जानिए अफसरों की क्यों बढ़ी बेचैनी?
करुणा शंकर अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी, पुत्र धीरज पांडेय और दो पुत्रियां अन्नू व भारती पांडेय को छोड़ गए हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव और परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में सेवा करने से पहले वे सात साल पहले तक एक ईंट भट्ठे पर मुंशी का कार्य करते थे।