गोरखपुर के बड़हलगंज थाना क्षेत्र में बारात के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

आरोपी गिरफ्तार (Img: Google)
Gorakhpur: गोरखपुर के बड़हलगंज इलाके में शादी की खुशियां उस वक्त दहशत में बदल गईं, जब बारात में हुई मामूली कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते गाली-गलौज, मारपीट और तोड़फोड़ शुरू हो गई। हाकी, लोहे की रॉड और घूंसों से हुए हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
14 फरवरी की रात बना खूनी विवाद
पुलिस के मुताबिक 14 फरवरी 2026 को थाना बड़हलगंज क्षेत्र में एक बारात समारोह चल रहा था। इसी दौरान वादी पक्ष और आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि बाद में रंजिश रखते हुए आरोपियों ने वादी और उसके साथी को घेर लिया। गाली-गलौज करते हुए उन पर हाकी और रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में वादी गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उसका चारपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
मुकदमा दर्ज, तेज हुई कार्रवाई
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर थाना बड़हलगंज में मुकदमा संख्या 74/26, धारा 191(2), 191(3), 109, 324(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चल रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक दक्षिणी और क्षेत्राधिकारी गोला के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
तीनों आरोपी दबोचे गए
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे सभी ग्राम छितौना बुजुर्ग, थाना बड़हलगंज के निवासी हैं। इनमें जगदीश यादव उर्फ पिंटू, विशाल यादव और मुकेश यादव शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक विनय कुमार यादव, हेड कांस्टेबल पवन कुमार सिंह और कांस्टेबल धर्मबीर चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।