नौकरी छूटी तो बन गया हैवान! गोरखपुर में किरायेदार ने 6 साल के अंशुमान को उतारा मौत के घाट

गोरखपुर के सहजनवा में छह वर्षीय मासूम की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने घर में रहने वाले किरायेदार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रचने की बात स्वीकार की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 July 2026, 1:31 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के सहजनवा कस्बे की पिपरा नई कॉलोनी से लापता छह वर्षीय अंशुमान सिंह की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में घर के किरायेदार कल्पेश को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नौकरी छूटने और आर्थिक तंगी के कारण उसने फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी, लेकिन घटना के दौरान बच्चे की मौत हो गई।

फिरौती के लिए रची थी अपहरण की साजिश

पुलिस के अनुसार आरोपी ने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। वह उसे वार्ड-10 स्थित लुचुई रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बने एक बंद मकान के पीछे जर्जर कमरे में ले गया। वहां उसने बच्चे के हाथ-पैर बांधने की कोशिश की। इसी दौरान बच्चे का सिर दीवार से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घबराकर आरोपी शव वहीं छोड़कर फरार हो गया।पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि उसने पूरी साजिश अकेले बनाई थी और उसकी पत्नी का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

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शाम को घर से निकला था अंशुमान

अंशुमान सिंह, पिपरा नई कॉलोनी निवासी विनय सिंह (उर्फ कन्हैया) का छह वर्षीय बेटा था और यूकेजी का छात्र था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे वह फुलकी खाने के लिए घर से निकला था। कुछ देर बाद वह फिर बाहर चला गया और देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने रातभर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और डॉग स्क्वॉड की मदद से तलाश अभियान चलाया। जांच के दौरान एक मैरिज हॉल के पास लगे कैमरे में बच्चा किरायेदार कल्पेश के साथ जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी घटना स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर शुक्रवार को बच्चे का शव बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

जांच में जुटी पुलिस और फोरेंसिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही SSP डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। बच्चे की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया और इलाके में लोगों का गुस्सा देखने को मिला। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कल्पेश संत कबीर नगर जिले के धर्मसिंहवा क्षेत्र का रहने वाला है। वह पहले गीडा की एक फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन करीब एक महीने पहले उसकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद वह सहजनवा में किराए पर रहने लगा। 26 मई से वह अंशुमान के परिवार के घर में किरायेदार के रूप में रह रहा था।

भीड़ के कारण ऑटो से भेजा गया शव

घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा होने और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने बच्चे के शव को एम्बुलेंस के बजाय ऑटो-रिक्शा से पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

SSP ने क्या कहा

SSP डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि बच्चा गुरुवार शाम से लापता था। जांच के दौरान घर में रहने वाले किरायेदार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाने की बात स्वीकार की। आरोपी के अनुसार बच्चे के हाथ-पैर बांधने के दौरान उसका सिर दीवार से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  4 July 2026, 1:31 PM IST