बलरामपुर में अस्पताल पहुंचे CMO तो खुल गई पोल! 2 महिला डॉक्टर समेत 15 कर्मचारी गायब, सभी का वेतन रोका

बलरामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के निरीक्षण में दो महिला चिकित्सकों समेत 15 स्वास्थ्यकर्मी बिना पूर्व सूचना ड्यूटी से गायब मिले। मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 August 2026, 5:05 PM IST

Balrampur: बलरामपुर के सरकारी अस्पताल में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। सीएमओ के अस्पताल पहुंचते ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सबसे पहले उपस्थिति पंजिका खंगाली गई तो स्वास्थ्य व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। दो महिला डॉक्टरों समेत कुल 15 स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी से गायब मिले। खास बात यह रही कि इनमें कई ऐसे कर्मचारी भी शामिल थे, जिनकी गैरहाजिरी से सीधे मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती थीं।

उपस्थिति पंजिका खुलते ही सामने आई बड़ी लापरवाही

अस्पताल पहुंचते ही सीएमओ ने सबसे पहले कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। इसके लिए उपस्थिति पंजिका देखी गई और मौके पर मौजूद कर्मचारियों का मिलान किया गया। जांच आगे बढ़ी तो कई कर्मचारी अपने कार्यस्थल से गायब मिले। अनुपस्थित मिलने वालों में महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. नमिता और डॉ. रेनू भी शामिल हैं। इसके अलावा फार्मासिस्ट सुनील कुमार गुप्ता, स्टाफ नर्स निधि पांडेय और गीता यादव भी ड्यूटी पर नहीं मिलीं। लैब टेक्नीशियन संजय गिरी, एलएचबी पुष्पलता श्रीवास्तव, एनएमएस बृजेश सिंह और पीएमडब्ल्यू शैलेन्द्र तिवारी भी अनुपस्थित पाए गए।

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सपोर्टिंग स्टाफ भी ड्यूटी से नदारद

निरीक्षण के दौरान सिर्फ चिकित्सकीय स्टाफ ही नहीं, बल्कि अस्पताल से जुड़े अन्य कर्मचारी भी गायब मिले। चतुर्थ श्रेणी और सपोर्टिंग स्टाफ में शामिल रूपाली, स्वतंत्र कुमार, देवेश श्रीवास्तव और अवनीश तिवारी भी अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे। इसके अलावा वार्ड आया ललिता जायसवाल और सोनी देवी भी ड्यूटी से अनुपस्थित मिलीं। इतने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के गैरहाजिर मिलने के बाद सीएमओ ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।

15 कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश

औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई इस लापरवाही पर सीएमओ ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जावेद अख्तर को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोका जाए और उनसे जवाब मांगा जाए। अब संबंधित कर्मचारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि वे बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से क्यों गायब थे। उनके जवाब और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।

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मरीजों को बेहतर इलाज देने पर जोर

कर्मचारियों की गैरहाजिरी की जांच के बाद सीएमओ ने अस्पताल की बाकी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति देखी। इसके साथ ही दवाओं की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं और जरूरी अभिलेखों की भी जांच की गई। सीएमओ ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों को इलाज के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

Location :  Balrampur

Published :  12 August 2026, 5:05 PM IST