कानपुर में 100 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, तीन ठग गिरफ्तार, 23 बैंक अधिकारी रडार पर

कानपुर पुलिस ने 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत और दुबई कनेक्शन सामने आया है। ठगों की चैट और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर 23 बैंक अधिकारी पुलिस के रडार पर हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 29 August 2026, 3:49 PM IST

Kanpur News: कानपुर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दो साल में करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की रकम को फर्जी बैंक खातों के जरिए ठिकाने लगाने वाले तीन शातिर साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल अकेले ठगों का नहीं था, बल्कि कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी और म्यूल अकाउंट खुलवाकर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जा रहा था। ठगों और बैंक कर्मियों के बीच हुई चैट और कॉल रिकॉर्डिंग मिलने के बाद अब 23 बैंक अधिकारी और कर्मचारी पुलिस के निशाने पर आ गए हैं।

फर्जी खातों के जरिए चलता था करोड़ों का खेल

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेंटी, रोहित और कपिल के रूप में हुई है। ये लोग साइबर अपराधियों के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से आने वाली रकम को अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर करने और उसे छिपाने के लिए किया जाता था।

जांच में पता चला है कि पिछले दो साल के दौरान इस नेटवर्क ने करीब 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद की।

बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का खुलासा

पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। ठगों और बैंक कर्मियों के बीच हुई बातचीत की कॉल डिटेल्स और चैट पुलिस के हाथ लगी हैं।

इन डिजिटल सबूतों के आधार पर अलग-अलग बैंकों के 23 अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस अब इनकी भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। अगर आरोप साबित होते हैं तो इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

दुबई से जुड़े साइबर फ्रॉड के तार

तकनीकी जांच और सर्विलांस के दौरान पुलिस को इस साइबर फ्रॉड सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के भी संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरोह के तार दुबई तक जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि दुबई में बैठा सुल्तान मिर्जा नाम का व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस अब इस विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

ठगों से पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां अब फर्जी खातों की पूरी चेन, पैसों के ट्रांजेक्शन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि साइबर अपराध के इस बड़े नेटवर्क पर जल्द ही और बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Kanpur News

Published :  29 August 2026, 3:49 PM IST