मुख्यमंत्री धामी ने नदी उत्सव में लिया नदियों को मां समान सम्मान देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार रही हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही नदियां हमारे सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक जीवन की रीढ़ रही हैं। आज के समय में जब जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौतियां सामने हैं, तो जल संरक्षण और नदियों की शुद्धता बनाए रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।