जिसे दुनिया ने छोटी कोशिश समझा, उसी ने बदल दी सैकड़ों बच्चों की जिंदगी, बेटियों ने रचा नया इतिहास
सुलतानपुर में गोमती किनारे वर्ष 2011 में शुरू हुई ‘कोशिश’ की निशुल्क पाठशाला ने शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। यहां पढ़ने वाली निधा ने IIT में प्रवेश पाया, जबकि मुमना ने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कन्नौज में कंप्यूटर साइंस चुना। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह अभियान आज बेटियों के सपनों को नई उड़ान दे रहा है।