जब दो ट्रेनें तेजी से एक दूसरे को पास करती हैं तो बीच में फंसे फेरीवाले जान बचाने के लिए करते है ये काम

आपने ट्रेन में सफर करते समय कई बार देखा होगा कि ट्रेन की रफ्तार तेज होने से फेरी वाले नीचे बैठ जाते हैं आइए जानते है इसके पीछे का विज्ञान।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 22 October 2026, 10:33 AM IST
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New Delhi: रेलवे स्टेशन पर आपने कई बार देखा होगा कि जब दो ट्रेनें एक-दूसरे के पास से गुजरती हैं, तो ट्रेन में सामान बेचने वाले कुछ लोग तुरंत नीचे बैठ जाते हैं। ऐसा देखकर मन में सवाल उठता है कि आखिर वे ऐसा क्यों करते हैं? इसके पीछे कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि विज्ञान से जुड़ी एक वजह है।

ट्रेन के साथ तेज होती है हवा

जब कोई ट्रेन तेज रफ्तार से गुजरती है तो वह अपने आसपास की हवा को भी प्रभावित करती है। ट्रेन के पास खड़े व्यक्ति को हवा का तेज झोंका महसूस हो सकता है। कभी-कभी ऐसा लगता है, जैसे हवा उसे ट्रेन की तरफ खींच रही हो। दो ट्रेनें एक साथ पास से गुजरें तो हवा का यह असर और भी तेज हो सकता है।

क्या है बरनौली का सिद्धांत?

विज्ञान में बरनौली का सिद्धांत हवा की गति और दबाव के बीच संबंध को समझाता है। कुछ परिस्थितियों में हवा जितनी तेजी से बहती है, उसका स्थिर दबाव उतना कम हो सकता है। जब दो ट्रेनें एक-दूसरे के पास से गुजरती हैं, तो उनके बीच की हवा तेजी से बह सकती है। इससे आसपास के वायुदाब में अंतर पैदा होता है।

क्यों महसूस होता है खिंचाव?

ट्रेनों के गुजरने के दौरान हवा का दबाव हर जगह एक जैसा नहीं रहता। हवा के बहाव में बदलाव के कारण व्यक्ति को धक्का लग सकता है या संतुलन बिगड़ सकता है। इस स्थिति को कई बार खिंचाव जैसा महसूस किया जाता है। हालांकि, इसका असर ट्रेन की गति, आकार और दोनों ट्रेनों के बीच की दूरी पर निर्भर करता है।

नीचे बैठने से क्या होता है?

सामान बेचने वालों के पास अक्सर चाय की केतली, टोकरी या भारी बैग होता है। खड़े रहने पर तेज हवा के झोंके से उनका संतुलन बिगड़ सकता है। नीचे बैठने से शरीर का गुरुत्व केंद्र कम हो जाता है,जिससे संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

Location :  New Delhi

Published :  22 October 2026, 9:41 AM IST

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