UPI पर MDR शुल्क की आहट से व्यापारियों में चिंता, राहत की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

UPI से होने वाले बड़े कारोबारी भुगतान पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजकर राहत और स्पष्ट व्यवस्था की मांग की है...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 September 2026, 4:50 PM IST

Fetehpur News: डिजिटल भुगतान व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ने लगी है। UPI के जरिए होने वाले बड़े कारोबारी भुगतान पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू किए जाने के प्रस्ताव को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने विरोध जताया है। व्यापारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और इस व्यवस्था की समीक्षा कर राहत देने की मांग की।

MDR शुल्क को लेकर व्यापारियों ने जताई चिंता

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का कहना है कि UPI भुगतान आज छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक व्यापार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यदि डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लागू होता है तो इसका सीधा असर व्यापारियों की लागत पर पड़ सकता है।

व्यापार मंडल के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू करने का प्रावधान बताया जा रहा है। साथ ही MDR पर 18 प्रतिशत GST लगने की जानकारी भी सामने आई है।

व्यापारियों ने सरकार से की समीक्षा की मांग

ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि MDR व्यवस्था लागू करने से पहले इसके प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाए। संगठन का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

व्यापार मंडल ने कहा कि व्यापारियों को पहले से ही कई तरह की लागतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

कैश मैनेजमेंट और डिजिटल खर्च का दिया हवाला

व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में कैश मैनेजमेंट, नकदी के परिवहन, एटीएम सेवाओं और डिजिटल भुगतान से जुड़ी लागत का भी उल्लेख किया है।

संगठन का कहना है कि व्यापार जगत डिजिटल व्यवस्था को अपनाने के लिए तैयार है, लेकिन नीतियां ऐसी होनी चाहिए जो व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।

ग्राहकों से MDR वसूली पर नहीं होगी अनुमति

व्यापारियों की ओर से उठाए गए मुद्दे के बीच उपलब्ध जानकारी के अनुसार नए MDR ढांचे में 2,000 रुपये तक के भुगतान पर शुल्क लागू नहीं होने की बात कही गई है। वहीं ग्राहकों से सीधे MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी। व्यापार मंडल ने सरकार और संबंधित विभागों से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा भी मिले और व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव भी न आए।

Location :  Fetehpur

Published :  19 September 2026, 4:50 PM IST