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MCX में तकनीकी गड़बड़ी के चलते आज यानी बुधवार सुबह ट्रेडिंग रोक दी गई, जिससे करोड़ों रुपये का व्यापार रुक गया। एक्सचेंज की कोशिशों के बावजूद कई प्लेटफॉर्म पर लाइव डेटा अब भी बाधित।
MCX में थमीं कमोडिटी डील्स (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
New Delhi: भारत के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया) में बुधवार सुबह एक गंभीर तकनीकी खराबी ने पूरे कमोडिटी बाजार को झटका दे दिया। सुबह जैसे ही बाजार ने कारोबार की शुरुआत की, कुछ ही मिनटों के भीतर तकनीकी दिक्कतों के चलते ट्रेडिंग रोक दी गई। इस खराबी के कारण सोना, चांदी, कच्चा तेल, इंडस्ट्रियल मेटल्स और एग्री प्रोडक्ट्स जैसे तमाम कमोडिटी प्रोडक्ट्स में व्यापार ठप हो गया।
एमसीएक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक, तकनीकी खामी के चलते ट्रेडिंग को रोक दिया गया और अनुमान जताया गया कि बाजार सुबह 9:45 बजे तक फिर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, समय बीतने के बावजूद कई ट्रेडर्स और ब्रोकर्स को लाइव डेटा फीड उपलब्ध नहीं हुआ, जिससे वे किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं कर पाए।
एक्सचेंज की ओर से बार-बार आश्वासन दिया गया कि तकनीकी गड़बड़ी को ठीक कर लिया गया है और ट्रेडिंग फिर से शुरू हो गई है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह रही कि कई ब्रोकरेज फर्म्स के प्लेटफॉर्म पर अब भी डेटा अपडेट नहीं हो रहा था, जिससे लाखों निवेशक प्रभावित हुए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कमोडिटी पार्टिसिपेंट ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट राकेश कुमार जैन ने बताया, MCX पर आई तकनीकी खराबी को फिलहाल ठीक कर लिया गया है, लेकिन यह समस्या आखिर क्यों और कैसे आई, इस पर हम एक्सचेंज के साथ विस्तृत मीटिंग करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह की गड़बड़ियां ट्रेडिंग गतिविधियों पर बड़ा असर डालती हैं और बाजार की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
बताया जा रहा है कि बुधवार को एमसीएक्स ने बाजार खुलने के ठीक 5 मिनट बाद यानी सुबह 9:05 बजे के आसपास अचानक ट्रेडिंग को रोक दिया। फिर कुछ देर बाद इसे दोबारा शुरू करने की योजना बनाई गई, लेकिन तकनीकी दिक्कतें बरकरार रहीं। ट्रेडिंग से जुड़े कई प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया और मार्केट फोरम्स पर अपनी नाराज़गी जताई और एक्सचेंज से पारदर्शिता की मांग की।
तकनीकी खराबी (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
गौरतलब है कि एमसीएक्स पर आमतौर पर ट्रेडिंग सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर रात 11:30 या 11:45 बजे तक चलती है। यह भारत का सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज है और यहां गोल्ड, सिल्वर, एनर्जी प्रोडक्ट्स (क्रूड ऑयल, नैचुरल गैस), बेस मेटल्स और एग्रीकल्चरल कमोडिटीज के डेरिवेटिव्स का व्यापार होता है।
इससे पहले फरवरी 2023 में भी एक बड़ी तकनीकी खामी के कारण एमसीएक्स पर लगभग चार घंटे तक ट्रेडिंग बाधित रही थी। उस समय भी माना गया था कि यह समस्या नए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के ट्रांजिशन से जुड़ी हुई थी।
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की तकनीकी समस्याएं निवेशकों और ट्रेडर्स के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे समय में जब बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, किसी भी तकनीकी गड़बड़ी से न सिर्फ कारोबारी नुकसान होता है बल्कि बाजार की साख पर भी असर पड़ता है।
अब सभी की नजर एमसीएक्स और रेगुलेटरी बॉडीज की अगली कार्रवाई पर टिकी है। क्या इस गड़बड़ी की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी? और सबसे महत्वपूर्ण- क्या भविष्य में इस तरह की तकनीकी खामियों को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे? इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।
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