बिना CRS वाले इलेक्ट्रॉनिक्स आपकी सुरक्षा के लिए खतरा! जानें CRS मार्क क्या है और क्यों है अनिवार्य

मोबाइल, टीवी, लैपटॉप जैसी डिवाइसों पर CRS मार्क नज़र न आए तो समझिए, आप जोखिम में हैं। यह छोटा निशान नहीं, बल्कि सुरक्षा का प्रमाण है। बिना CRS वाले इलेक्ट्रॉनिक्स शॉर्ट सर्किट, आग और करंट जैसी दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 18 January 2026, 2:52 PM IST

New Delhi: आज के डिजिटल युग में मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, चार्जर जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। नए गैजेट्स खरीदते समय लोग ब्रांड, फीचर्स और कीमत पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक छोटे से निशान पर अक्सर ध्यान नहीं देते CRS मार्क। यह छोटा-सा लोगो आपके लिए सुरक्षा और भरोसे का संकेत होता है।

CRS मार्क क्या है?

CRS का पूरा नाम Compulsory Registration Scheme है। यह एक सर्टिफिकेशन होता है जो यह बताता है कि इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट BIS (Bureau of Indian Standards) द्वारा तय किए गए सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है। CRS मार्क विशेष रूप से मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, टैबलेट, LED, पावर एडॉप्टर, चार्जर आदि कुछ खास इलेक्ट्रॉनिक और IT आइटम्स पर अनिवार्य है।

CRS मार्क पर एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर भी लिखा होता है, जो यह साबित करता है कि उत्पाद को सरकारी जांच और परीक्षण के बाद मंजूरी दी गई है। इसलिए CRS मार्क सिर्फ एक लोगो नहीं, बल्कि सुरक्षा का प्रमाण है।

Tech News: Google का बड़ा AI शॉपिंग अपडेट, अब Search छोड़े बिना होगी पूरी खरीदारी; जानिए कैसे?

CRS मार्क क्यों जरूरी है?

बिना CRS वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से कई प्रकार के जोखिम होते हैं। सबसे बड़ा खतरा शॉर्ट सर्किट, आग लगना और करंट लगना है। अक्सर सस्ते या नकली प्रोडक्ट्स में घटिया क्वालिटी के घटक होते हैं, जो उपयोग के दौरान खराब हो सकते हैं।

CRS मार्क बाजार में बिकने वाले फर्जी और लो-क्वालिटी इलेक्ट्रॉनिक्स को रोकने में मदद करता है। सरकार ने इन आइटम्स को बिना CRS मार्क के बेचना गैरकानूनी कर दिया है, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस (Img- Internet)

किन आइटम्स पर CRS मार्क अनिवार्य है?

CRS मार्क खास तौर पर निम्नलिखित इलेक्ट्रॉनिक और IT उत्पादों पर जरूरी है:
मोबाइल फोन
2. लैपटॉप और टैबलेट
3. स्मार्ट टीवी और LED
4. पावर एडॉप्टर और चार्जर
5. पावर बैंक
6. कुछ अन्य IT उपकरण

यह नियम आयातित (imported) इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भी लागू होता है। यानी विदेश से लाए गए इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी CRS मार्क होना जरूरी है।

बिना CRS वाले प्रोडक्ट से हो सकता है नुकसान

बिना CRS मार्क वाले उत्पादों से सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि जीवन का जोखिम भी हो सकता है। कई बार ऐसे उपकरणों से अचानक आग लग जाती है या करंट लगने से गंभीर चोटें हो सकती हैं। इसलिए इलेक्ट्रॉनिक आइटम खरीदते समय CRS/BIS मार्क जरूर चेक करें। यह छोटा सा निशान आपको भारी नुकसान से बचा सकता है।

Share Market Today: 13 जनवरी को इन शेयरों पर रहेगी नजर, TCS और HCL Tech के नतीजों से बाजार में हलचल

खरीदते समय CRS कैसे चेक करें?

CRS मार्क अक्सर प्रोडक्ट के बॉक्स पर या डिवाइस के पीछे/नीचे लिखे होते हैं। इसमें एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर भी होता है, जिसे आप BIS की वेबसाइट पर जाकर सत्यापित कर सकते हैं। यदि CRS मार्क नहीं है या नंबर संदिग्ध लगे, तो वह प्रोडक्ट खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।

आज के समय में सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। ब्रांड और कीमत के साथ CRS मार्क की जांच करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह छोटा निशान आपके लिए सुरक्षा, गुणवत्ता और भरोसे का संकेत है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 18 January 2026, 2:52 PM IST