योगी सरकार ने दी गन्ना किसानों को राहत, चीनी मिल घोटाले की हो सकती है CBI जांच

डीएन ब्यूरो

यूपी सरकार ने बीते दिनों किसानों को कर्जमाफी का तोहफा दिया और अब गन्ना किसानों को राहत देने की खबर आ रही है। 15 दिनों में गन्ना किसानों के अच्छे दिन आएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिलों में हुए घोटाले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

 फाइल फोटो
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लखनऊः योगी सरकार ने बीते कई वर्ष में सूबे की बेची गई सरकारी चीनी मिलों के घोटाले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कहा है कि 2010-11 में प्रदेश की 21 चीनी मिलों को बेचने में 1100 करोड़ रुपए के घाटे की गहन जांच होगी। बता दें कि सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच कराने की भी बात कही है।

योगी सरकार ने कहा है कि गन्ना समिति स्तर पर हर माह समस्याओं के निस्तारण की पहल होगी। इसके लिए गन्ना विकास विभाग द्वारा एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। सीएम ने कहा कि हर चीनी मिल प्रतिवर्ष एक गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करें। इस तरह 116 चीनी मिलों के लिए पांच वर्ष में उन्होंने 580 गांवों के आदर्श गांव बनाने का लक्ष्य दिया। चीनी मिल यार्डों में स्वच्छ पेयजल, बैठने को शेड और ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ंजा निर्माण की हिदायत दी। 2 वर्षों में बने संपर्क मार्गों के भौतिक सत्यापन के भी निर्देश दिए।

 

भुगतान के लिए 23 अप्रैल अंतिम तारीख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेराई सत्र 2016-17 में किसानों के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 23 अप्रैल अंतिम तारीख तय की है। इस अवधि तक भुगतान न होने पर मिल मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि निजी क्षेत्र की पांच चीनी मिलों पर 162.63 करोड़ रुपये का भुगतान अवशेष है।

वित्तीय वर्ष में चालू हो बंद पड़ी चीनी मिल

सीएम योगी ने बंद पड़ी सहकारी चीनी मिलो को वित्तीय वर्ष 2018-19 में चालू कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने गन्ना मंत्री को अवशेष मूल्य के भुगतान के लिए संबंधित मिल मालिकों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए। योगी ने गन्ना मूल्य भुगतान के प्रति ढिलाई बरतने वाली मिलों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही के साथ ही चीनी मिलों को केन्द्र सरकार से साफ्टलोन दिलाने पर जोर दिया।

 

उन्होंने कहा कि कागजी खानापूरी व आंकड़ों की औपचारिकता से अब काम नहीं चलेगा। किसानों की आय में वृद्धि कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना होगा। उन्होंने कहा, किसी भी व्यक्ति को सरकारी संपत्तियों को औने-पौने दामों पर बेचने का कोई अधिकार नहीं है। यह जनता की संपत्ति है, जिसका दुरुपयोग कतई नहीं होने दिया जाएगा।













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