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लखनऊ: गोरक्षपीठ के महंत से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ अब तक कई मौकों पर अपनी सरकार को ताम-झाम व दिखावे से दूर ‘सादगी की सरकार’ बताते रहे हैं। पर इस 'सादगी की सरकार' के शपथ ग्रहण समारोह पर एक करोड़ 81 लाख रुपए खर्च हुए। यह रकम 2012 में अखिलेश सरकार की शपथ ग्रहण समारोह में खर्च किए गए राशि से दोगुना है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सचिवालय प्रशासन से इस समारोह में खर्च की गई एक करोड़ 81 लाख रुपए की मांग की है। हालांकि, सचिवालय प्रशासन ने इस राशि को अधिक बताते हुए प्राधिकरण से पूरा व्यौरा मांगा है।
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एलडीए ने उप्र सचिवालय प्रशासन विभाग से समारोह पर हुए एक करोड़ 81 लाख रुपए का बिल भेज पैसा मांगा। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी की जिम्मेदारी सचिवालय प्रशासन ने एलडीए को सौंपा था। सचिवालय प्रशासन ने खर्च की गई इस राशि को अधिक बताते हुए एलडीए से इस संबंध में विस्तृत विवरण की मांग की है। साथ ही, एलडीए से यह भी कहा गया है कि वह 2012 में अखिलेश सरकार के शपथ ग्रहण में हुए खर्च का तुलनात्मक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करे। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के 2012 में शपथ समारोह पर करीब 91 लाख रुपये खर्च हुए थे।
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उल्लेखनीय है कि योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार ने बीते 19 मार्च को स्मृति उपवन में शपथ ली थी। समारोह में पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्रियों सहित कई राज्यों केमुख्यमंत्रियों ने भी शिरकत की थी।
Published : 27 July 2017, 2:02 PM IST
Topics : अखिलेश सरकार उप्र सचिवालय प्रशासन उप्र सरकार खर्च राशि बीजेपी योगी आदित्यनाथ लखनऊ विकास प्राधिकरण शपथ ग्रहण समारोह
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