Nirbhaya Case: क्या कल खत्म होगा न्याय का इंतजार? जानें

डीएन ब्यूरो

निर्भया मामले में चारों दोषी खुद को बचाने के लिए कई तरकीबें लगा रहे हैं। पर एक के बाद एक करके इनकी सारी कोशिशें असफल होती जा रही हैं। निर्भया के गुनहगार फांसी की सजा को टालने के लिए हरसंभव कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गुनहगार ने फांसी पर रोक लगाने की मांग की है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ पर पूरी खबर...

निर्भया केस में चारों दोषी(फाइल फोटो)
निर्भया केस में चारों दोषी(फाइल फोटो)

नई दिल्लीः निर्भया मामले में चारों दोषियों में एक पवन कुमार गुप्ता ने फांसी से बचने की कोशिश एक बार फिर नाकाम हो गई है। निर्भया के दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर अपराध के समय उसके नाबालिग होने की दलील ठुकराने के आदेश को चुनौती दी थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दी है।

निचली अदालत ने चारो दोषियों को फांसी देने की 1 फरवरी की तिथि तय कर रखी है। जेल सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को सभी दोषियों से मिलने उनके परिजन आ रहे हैं। डेथ वारंट के अनुसार, दोषियों को एक फरवरी के दिन सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाना है। ऐसे में 31 जनवरी को परिजनों की मुलाकात को अंतिम मुलाकात कहा जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक एक फरवरी को तिहाड़ जेल संख्या- 3 में चारों दोषियों (अक्षय सिंह ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय कुमार शर्मा और पवन कुमार गुप्ता) में फांसी दी जारी है। इसकी तैयारी भी तिहाड़ जेल में अंतिम चरण में है।

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