अनुभवी तैराक वीरधवल खाड़े ने घरेलू टूर्नामेंटों को क्यों कहा अलविदा, जानिये पूरा अपडेट
भारत के अनुभवी तैराक वीरधवल खाड़े ने राष्ट्रीय खेलों में 50 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीतने के बाद घरेलू टूर्नामेंटों को अलविदा कह दिया । पढ़ें पूरी रिपोर्ट डाइनामाइट न्यूज़ पर

पणजी: भारत के अनुभवी तैराक वीरधवल खाड़े ने राष्ट्रीय खेलों में 50 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीतने के बाद घरेलू टूर्नामेंटों को अलविदा कह दिया ।
बीजिंग ओलंपिक 2008 के लिये क्वालीफाई करने वाले भारत के सबसे युवा तैराक रहे खाड़े ने भारत के उदीयमान स्टार श्रीहरि नटराज को हराया ।
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खाड़े ने 2010 एशियाई खेलों में 50 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीतकर भारत का 24 साल का इंतजार खत्म किया था ।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार उन्होंने कहा ,‘‘मैने 2001 में गोवा में ही अपना पहला राष्ट्रीय पदक जीता था और आज अपने आखिरी राष्ट्रीय खेल में फिर स्वर्ण पदक जीता है । उस समय मैने सोचा भी नहीं था कि यहां तक पहुंचूंगा । मैं अपने कोचों और इस सफर में साथी रहे सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं ।’’
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खाड़े ने चोट के कारण कुछ समय दूर रहने के बाद 2018 में वापसी करके तोक्यो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया था ।
उन्होंने कहा ,‘‘ दिल से मैं अभी भी जवान हूं लेकिन शरीर थक गया है । इतने साल बीत गए और अब रिकवरी उतनी तेजी से नहीं होती । यह भारत में मेरा आखिरी टूर्नामेंट है । भविष्य में शायद कोच बनूं लेकिन यह मेरी आखिरी प्रतिस्पर्धी रेस थी ।’’