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लखनऊः राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी की रोकथाम के लिये यूपी में बहुत पहले ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी, जिसका फायदा अब राज्य की जनता को मिल रहा है। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता जय प्रकाश पाठक से लखनऊ में एक एक्सक्लूसिव बातचीत में यह रहस्य यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रातप सिंह ने उजागर किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में कहा कि प्रदेश में मार्च के शुरुआती दिनों में जब पहला कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ सामने आया, तभी से हमने कोरोनो मरीजों के इलाज की व्यवस्था शुरु कर दी थी। जिसमें कोरोनो मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने का काम भी शामिल रहा।
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मंत्री ने कहा की हम राज्य में लगातार कोरोनो टेस्टिंग की संख्या बढ़ा रहे हैं। पहले केवल यूपी के किंग जार्ज मेडिकल कालेज में ही कोरोना जांच की व्यवस्था थी, मगर अब प्रदेश भर में कोरोना सैम्पल की जाँच के लिए 37 लैब तैयार किये गए हैं। अब हम रोजाना 12 हजार से अधिक सैंपल की जांच कर रहे हैं।
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ट्रूनेट मशीनों की मदद से कोरोना जांच में मिल रही है काफी मदद
यूपी में सभी 75 ज़िलों में ट्रूनेट मशीनें स्थापित की गई हैं। इससे सर्जरी से पहले मरीजों का कोविड टेस्ट करके डेढ़ घंटे में रिपोर्ट ली जा सकती है। इससे कम समय में पता चल जाता है की व्यक्ति कोविड नेगेटिव है या पॉजिटिव। इसके लिए डॉक्टरों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जा चुका है, इससे हमारी टेस्टिंग की क्षमता में और वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि यूपी का स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध सभी संसाधनों का भरपूर इस्तेमाल करते हुए कोरोना से जंग जीतने में लगा है। हमें उम्मीद है की जल्द ही हम इसमें जीत हासिल करेंगे।
Published : 18 June 2020, 5:35 PM IST
Topics : Coronavirus COVID 19 Lucknow uttar pradesh अस्पताल कोरोना महामारी जय प्रताप सिंह रोकथाम स्वास्थ्य मंत्री