Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल का इटावा में विरोध, सपा जिलाध्यक्ष बोले- उद्योगपतियों को वक्फ संपत्ति देने की साजिश

वक्फ अमेंडमेंट बिल पर सपा के जिलाध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 3 April 2025, 6:41 PM IST
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इटावा: वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य उर्फ बबलू ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस बिल को मुस्लिम विरोधी करार देते हुए कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों को जब्त कर अपने करीबी उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी में है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि इटावा में 222 वक्फ संपत्तियां सरकार के अधिग्रहण में आ चुकी हैं, जिनमें 28.88 हेक्टेयर भूमि शामिल हैं। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत 50 करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम मुसलमानों को उनकी संपत्तियों से बेदखल करने और गुजरात के उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है।

प्रदीप शाक्य बबलू ने कहा, जब सरकार किसानों की जमीन जबरन अधिग्रहण कर सकती है, तो वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। अब मुसलमानों का इन जमीनों पर कोई अधिकार नहीं रहेगा।

सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार पर गुजरात के उद्योगपतियों का दबदबा है और देशभर की वक्फ संपत्तियों को उन्हीं को देने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर वक्फ संपत्तियों को हड़पने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा साफ है, वक्फ संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपना।

इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी ने विरोध जताते हुए सरकार से वक्फ अमेंडमेंट बिल को वापस लेने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि यह बिल समाज के एक बड़े वर्ग के अधिकारों को खत्म करने का प्रयास है।
 

Published : 
  • 3 April 2025, 6:41 PM IST

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