DN Exclusive: पीएम मोदी के क्षेत्र में चिराग तले अंधेरा.. शौचालय के बिना नारकीय हुआ बुजुर्ग का जीवन

डीएन संवाददाता

केन्द्र से लेकर राज्य तक भाजपा की सरकार.. फिर भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को अफसर न जाने क्यों पूरा करने में कोई रुचि नही दिखा रहे हैं। ताजा मामला पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का है। बुढ़ापे में आंख से कम दिखाई देने वाले एक बुजुर्ग का जीवन शौचालय के अभाव में नरक जैसा बन गया है.. डाइनामाइट न्यूज़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..


वाराणसी: प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी देश के हर घर-गांव में शौचालय और हर जगह स्वच्छता के नारे को जीवंत बनाने में जुटे हुए हैं लेकिन कई जगह अफसरशाही की आदतों की वजह से इसका क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के हरहुआ ब्लॉक में स्थित गौरा कला गांव में जब डाइनामाइट न्यूज़ की टीम पहुंची तो गांव में 80 साल के बुजुर्ग शंकर प्रसाद मौर्य ने रो-रोकर बताया कि घर में शौचालय नहीं होने के कारण उनका जीवन नरक जैसा हो गया है। 

 

 

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अक्सर गिर पड़ते हैं मौर्य
डाइनामाइट न्यूज़ के साथ बातचीत में रोते-रोते मौर्य ने जो कहानी बतायी, उसके बाद यह साफ हो गया कि हर घर में एक शौचालय होना जरूरी है। शौचालय के बारे में पूछने पर मौर्य अपना दर्द नहीं छुपा सके और कैमरे के सामने ही रो पड़े (देखें वीडियो-1)

रोते-बिलखते मौर्य ने बताया कि जब भी वह शौचालय करने के लिए घर से बाहर जाते हैं तो अक्सर गिर पड़ते हैं और चोटिल हो जाते हैं। शौचालय के लिये वह मन ही मन दिन में कई बार रोते रहते हैं। मौर्य के बच्चे उनको पकड़कर सुबह-शाम शौच के लिये ले जाते हैं, जो उन्हें ठीक नहीं लगता। जब कभी बच्चे सामने नहीं होते हैं तो मौर्य पर जो बीतती है, उसे बयां करना मुश्किल है।

प्रधान और सचिव की मनमानी
डाइनामाइट न्यूज़ को स्थानीय लोगों ने बताया कि शौचालय निर्माण हेतु उन्होंने प्रधान और सचिव से भी बात की लेकिन कुछ नही हुआ। गांव के लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने हम लोगों के लिए शौचालय बनवाने की योजना शुरू की, लेकिन कुछ लोग इस योजना पर ठीक तरीके से काम नहीं कर रहे है, जिस कारण बुजुर्ग मौर्य जैसे लोगों का जीवन कष्टकारी हो रहा है।  

वाराणसी में शौचालय निर्माण की धीमी गति 
वाराणसी जिले के कई ब्लाकों में शौचालय निर्माण की गति बेहद धीमी है। डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया 39 गांवों में शौचालयों के निर्माण में अनियमितताएं और निर्माण गति धीमी पाये जाने के बाद संबंधित गांव के प्रधानों और सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। (देखें वीडियो-2)

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