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वाराणसीः बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल को एम्स जैसी सुविधा की संभावनाएं तलाशने को लेकर बुधवार को पहुंचे नीति आयोग के ओएसडी कर्नल डॉ. के. वेकटर मड़ की टीम ने यहां औचक निरीक्षण किया। इस दौरा नीति आयोग की टीम को अस्पताल में भारी खामियां देखने को मिली है। बता दें कि सर सुंदरलाल अस्पताल को एम्स की तर्ज पर 50 हजार करोड़ की आर्थिक राशि मिल चुकी है। बावजूद इसके अस्पताल में तकनीकी उपकरणों वहीं पुराने ढर्रे पर चलाये जा रहे हैं।
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इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां मेडिकल गैस की सप्लाई बाई पाइप लाइन न होकर सिलेंडर के जरिये वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान इन खामियों को देखने के बाद जब नीति आयोग के ओएसडी ने आईएमएस बीएचयू के डॉयरेक्टर वीके शुक्ला से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अभी पुरानी चीजों के नवीनीकरण पर कार्य किया जा रहा है। इसिलये तकनीकी उपकरणों को बदलने में थोड़ा और समय लगेगा।
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जब डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता ने आईएमएस बीएचयू के डॉयरेक्टर वीके शुक्ला से अस्पताल में खामियों के उजागर होने को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा कि आप लोगों को तो पता ही है कि यह अस्पताल 50 साल पुराना है, अब जो चीजें इतने साल पहली बनी थी तो वह तो अब बेकार होंगी ही। लेकिन हां तेजी से तकनीकी उपकरणों समेत अस्पताल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बदला जा रहा है, कुछ दिनों बाद इन सभी खामियों को दूर कर लिया जाएगा। जिससे यहां मरीजों को पहले के मुकाबले बेहतर स्वास्थ्य लाभ होगा।
Published : 29 November 2018, 7:00 PM IST
Topics : उत्तर प्रदेश औचक निरीक्षण काशी हिंदू विश्वविद्यालय टीम डॉयरेक्टर वीके शुक्ला नीति आयोग वाराणसी सर सुंदरलाल अस्पताल
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