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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीनियर आईएएस अफसर रजनीश दुबे फिर एक बार मुश्किलों में हैं। रजनीश दुबे के खिलाफ एक महिला अधिकारी के उत्पीड़न के गंभीर आरोपों की जांच की जायेगी। महिला ने उन पर उत्पीड़न के आरोप लगाये थे। लेकिन मामले में न्याय न मिलता देख महिला अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने इस मामले में जांच समिति गठित कर दो माह में रिपोर्ट देने को कहा। अदालत के इस निर्देश पर अब जांच समिति गठित कर दी गई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आईएएस अफसर के खिलाफ जांच के लिए नियुक्ति विभाग ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ विभाग की अपर मुख्य सचिव व वरिष्ठ आईएएस महिला अधिकारी मोनिका एस. गर्ग की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी गई है। यह जांच समिति पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देगी।
बता दें कि वर्ष 1988 बैच के आइएएस अधिकारी रजनीश दुबे इस समय प्रदेश के पशुपालन विभाग में अपर मुख्य सचिव पद पर तैनात हैं। इससे पहले नगर विकास विभाग में उनकी तैनाती के दौरान एक महिला अधिशासी अधिकारी ने उन पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
महिला अधिकारी के आरोपों पर इस मामले की जांच हुई और तब रजनीश दुबे को क्लीन चिट दी गई थी। मामले में न्याय न होता देख महिला अधिकारी सुप्रीम कोर्ट पहुंची। शीर्ष अदालत ने इस मामले में 18 अक्टूबर, 2023 को आदेश जारी कर जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया था।
Published : 17 November 2023, 6:17 PM IST
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