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कानपुर: शहर में स्वाइन फ्लू की शिकायतें धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वाइन फ्लू की रोकथाम के सख्त निर्देश देने के बाद भी जिला प्रशासन को इन हिदायतों से कोई सरोकार नहीं है, जिसके चलते मासूमों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही से स्वाइन फ्लू से पीड़ित तीन वर्षीय वैष्णवी ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। शास्त्री नगर निवासी रामप्रकाश की बेटी वैष्णवी को तेज बुखार और फ्लू के लक्षणों के चलते 31 जुलाई को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, 1 अगस्त को अस्पताल ने वैष्णवी का ब्लड सैंपल लेकर पैथोलॉजी भेजा था। वैष्णवी की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू के लक्षण पॉजीटिव पाये गये थे, जिसके बाद भी उसकी मौत हो गयी।

अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था नहीं
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि वैष्णवी की जांच रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी गयी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर उपचार जारी रखा गया, लेकिन उसे बचाया नही जा सका। जिला प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिय़े पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हालांकि प्रशासन ने टैमी फ्लू दवा उपल्ब्ध कराई है।
इस मामले में विधायक अभिजीत सिंह सांगा का कहना है कि सरकार पूरी तरह से इस मामले को लेकर गंभीर है, शासन से जल्द से जल्द इस समस्या पर बात करके समस्या का निदान किया जाएगा।
Published : 8 August 2017, 7:05 PM IST
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