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नई दिल्लीः भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) अगले शैक्षिक सत्र से छात्रों को उनकी मातृ भाषा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराएंगे।
उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया फैसला
गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में ये फैसला लिया गया है। ये बैठककेन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में की गई थी। बैठक के बाद मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया- तकनीकी शिक्षा, विशेष रूप से इंजीनियरिंग की शिक्षा मातृ भाषा में देने का लाभकारी फैसला लिया गया है और यह सुविधा अगले शैक्षिक सत्र से छात्रों के लिए उपलब्ध होगी। इसके लिए कुछ आईआईटी और एनआईटी को चुना जा रहा है। बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की तरफ से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम लाने पर भी विचार किया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम
बता दें कि इससे पहले एनटीए ने पिछले महीने ही हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा नौ क्षेत्रीय भाषाओं में जेईई की मुख्य परीक्षा कराने की घोषणा की थी। बैठक में यह भी तय किया गया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) स्कूली शिक्षा बोर्ड से जुड़े समकालीन हालात का जायजा लेने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम लाएगी।
Published : 27 November 2020, 12:05 PM IST
Topics : education IIT Mother tongue NIT उच्चस्तरीय बैठक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान शैक्षिक सत्र