SC ने किया स्पष्ट, फिल्म में राष्ट्रगान बजने पर खड़े होने की जरुरत नहीं

कोर्ट ने फैसले में कहा कि फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजने पर खड़ा होना होगा लेकिन फिल्म का हिस्सा होने पर अनिवार्य नहीं।

Updated : 14 February 2017, 5:08 PM IST
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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी फिल्म, वृत्त चित्र या समाचार फिल्म की कहानी के हिस्से के रूप में राष्ट्रगान बजने के दौरान दर्शकों को खड़ा होने की जरूरत नहीं है।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने यह स्पष्टीकरण उस समय दिया जब याचिकाकर्ताओं में से एक ने कहा कि शीर्ष अदालत को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या फिल्म, वृत्त चित्र या समाचार फिल्म में राष्ट्रगान बजने पर भी दर्शकों से खड़ा होने की अपेक्षा है।
पीठ ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि जब किसी फिल्म, समाचार फिल्म या वृत्तचित्र की कहानी के हिस्से के रूप में राष्ट्रगान बजता है तो दर्शकों को खड़ा होने की जरूरत नहीं है।’’ पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाये गये बिन्दुओं पर चर्चा की आवश्यता है। इसके साथ ही न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल के लिये निर्धारित कर दी।
शीर्ष अदालत ने पिछले साल 30 नवंबर को देश के सभी सिनेमाघरों को आदेश दिया था कि फिल्म का प्रदर्शन शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाये और दर्शकों को इसके प्रति सम्मान में खड़ा होना चाहिए।
इसने अनेक निर्देश देते हुये कहा था कि अब समय आ गया है जब नागरिकों को यह अहसास होना चाहिए कि वे एक राष्ट्र में रह रहे हैं और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान दर्शाना उनका कर्तव्य है जो हमारी सांविधानिक राष्ट्रभक्ति और बुनियादी राष्ट्रीय उत्कृष्टता का प्रतीक है। (भाषा)

Published :  14 February 2017, 5:08 PM IST

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