हिंदी
ठाणे (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने दो लोगों की हत्या करने और उनके शवों को नाले में फेंकने के जुर्म में चार लोगों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कल्याण अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ऋतेश गोरखनाथ वाघमारे ने आठ अगस्त को आरोपी को भारतीय दंड संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया।
आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और प्रत्येक पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
न्यायाधीश ने अपने आदेश में निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि की वसूली होने पर अभियोजन में उचित रूप से किए गए खर्चों को चुकाने के लिए राज्य सरकार को 10,000 रुपये का भुगतान किया जाए और शेष राशि मृतकों के भाइयों को समान रूप से दी जानी चाहिए।
दोषियों की पहचान बलविंदरसिंह बलवीरसिंह राठौड़ (33), दलजीत बाबूसिंह लभाना (34), रैना असरफ खान (36) और भालचंद्र हरिदास महाले (35) के रूप में की गयी है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक अतिरिक्त लोक अभियोजक वाई एम पाटिल ने अदालत को बताया कि पीड़ित राकेश भोलानाथ विश्वकर्मा और अमितचंद पूरनचंद धीरमलानी उल्हासनगर में कढ़ाई उपकरण बनाने वाली एक इकाई में काम करते थे।
अभियोजक ने कहा था कि 20 दिसंबर 2012 की रात को आरोपियों ने पुराने झगड़े के कारण पीड़ितों का अपहरण कर लिया और गला काटकर उनकी हत्या कर दी। अभियोजक ने कहा था कि आरोपियों ने शवों को एक नाले में फेंक दिया था और दोनों का सामान जला दिया था।
Published : 14 August 2023, 6:40 PM IST
No related posts found.