सुल्तानपुर में स्वच्छ भारत अभियान की दुर्दशा...

डीएन संवाददाता

यूपी के सुल्तानपुर में तैनात स्वीपर क्लर्क की कुर्सी सम्भाले बैठा हैं और इलाके में गंदगी का अम्बार लगा है।

स्वच्छ भारत अभियान  की दुर्दशा
स्वच्छ भारत अभियान की दुर्दशा

सुल्तानपुर: स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रदेश में सीएम से लेकर नौकरशाह तक ने हाथों में झाडू उठा लिए, मक़सद साफ था सड़क और इलाके साफ सुथरे हों। लेकिन बल्दीराय ब्लाक के मिझूटी गांव की जो तस्वीरें कैमरे में कैद हुई हैं वो पीएम और सीएम के इस अभियान को मुंह चिढ़ाती नज़र आई हैं। वजह यहां तैनात स्वीपर क्लर्क की कुर्सी सम्भाले बैठा है और इलाके में गंदगी का अम्बार लगा है।

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बल्दीराय ब्लाक में हुई थी 83 स्वीपरो की भर्ती

सुल्तानपुर जिले से बीजेपी के टिकट पर वरुण गांधी के एमपी चुने जानें के बाद से जिले की गिनती वीआईपी क्षेत्र में होने लगी है। इसी ज़िले की इसौली विधानसभा सीट के अन्तर्गत आने वाला एक ब्लाक है बल्दीराय। ब्लाक के गांवों में साफ-सफाई के लिए शासन ने 83 स्वीपरों की नियुक्ति कर रखा है। सरकार जिन पर प्रति माह वेतन के रूप में लाखों रुपए खर्च करती है, बावजूद इसके इलाके में गंदगी का अम्बार लगा है।

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दरअसल ऐसा हो भी क्यों नहीं, इसलिए की ब्लाक के विभिन्न राजस्व गांव की सफ़ाई के लिए भर्ती किये गए स्वीपर ब्लाक मुख्यालयों पर अधिकारियों की आवभगत में जो नियुक्त हैं। कोई साहब की गाड़ी चला है तो कोई उनके घर की सफ़ाई और किचन की व्यवस्था संभाल रहा है।

इससे भी ज़्यादा हैरत की बात ये है कि गांवो की बजबजाती नालियां और सड़कों पर कूड़ो का ढेर केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है, लेकिन साहब की गाड़िया चमचमा और उनके बंगलो की साफ सफाई देखने लायक है। इसलिए के शासन द्वारा तैनात किए गए ये स्वीपर दिन-रात जो यहां अपनी ड्यूटी दे रहे।

वर्तमान समय में ब्लाक के राजस्व गांवो के सापेक्ष 83 कर्मचारी शासन से हर महीने लाखों रुपये का वेतन ले रहे हैं। जबकि इन कर्मचारियों में से आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी तो पंचायती राज विभाग के ब्लाक मुख्यालय से सम्बद्ध है। बतौर बानगी स्वीपर हौसिला प्रसाद की ड्यूटी मिझूटी गाँव में है, लेकिन हौसिला प्रसाद ने ऐसी विभागीय सेटिंग-गेटिंग कर रखी है के वो बीडीओ व एडीओ पंचायत के बगल बैठकर क्लर्क की कुर्सी सम्भाले है। अवधेश प्रताप,राम नाथ, अशोक, शैलेन्द्र कुमार, अंबिका प्रसाद, महंगू, माला, आदि स्वीपर भी हैं। इनकी ड्यूटी पारा बाजार, नटोली, सादुल्लापुर, आलामऊ, हेमनापुर, निसासिन, मोहम्मदपुर काजी, सोनबरसा, नंदोली, बल्दीराय, इब्राहिमपुर, सफलेपुर, में है लेकिन ये सभी अफसरों को खुश कर मौज काटते हुए सरकार की साख पर बट्टा लगा रहे हैं।

जांच और औचक निरीक्षण कर होगी कार्यवाई: सीडीओ

इस बाबत सीडीओ रामयज्ञ मिश्रा से जब बातचीत किया गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अब मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है तो जांच कराई जाएगी, साथ ही औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम में लापरवाही बरतने वाले किसी कर्मी को दोषी पाए जानें के बाद बक्शा नहीं जाएगा।

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