हिंदी
लखनऊ विश्वविद्यालय से छात्रों के निष्कासन और विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी के खिलाफ आज छात्रों ने सड़क पर उतरकर जोरदार तरीके से प्रदर्शन किया। साथ ही इस दौरान छात्रों ने सरकार विरोधी नारेबाजी कर सीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी कर कुछ छात्रों के निष्कासन की कार्यवाही के खिलाफ आज धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी करते रहे।
कुछ दिनों पहले लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने 4 छात्रों को अनुशासन के नाम पर निष्कासित कर दिया था। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की इस कार्यवाही को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है। आज अपनी इसी नाराजगी को प्रकट करने के लिए बड़ी संख्या में छात्रों ने लखनऊ स्थित गांधी प्रतिमा पर सरकार विरोधी नारेबाजी कर अपना विरोध जताया और छात्रों का निष्कासन रद्द करने की मांग उठाई।
मीडिया से बात करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता अंकित सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पहले लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति ने 4 छात्रों को अनुशासन के नाम पर विश्वविद्यालय से निष्कासित करने का फरमान जारी कर दिया। इसे लेकर छात्रों में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में बीएचयू के छात्र नेता आशुतोष सिंह की गिरफ़्तारी, मऊबलिया के छात्र नेताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमा होना, मेरठ के छात्र नेताओं की गिरफ्तारी जैसे प्रकरण प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में आम हो गई है। उन्होंने बताया कि छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा की जा रही इस कार्यवाही से आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिसे लेकर प्रदेश भर के छात्र नेता लामबंद हो गए हैं। उन्होंने योगी सरकार से मांगी उठाई की सरकार यूपी के सभी छात्र नेताओं पर दर्ज किए गए गंभीर मामलों को वापस ले। जिससे छात्रों के उज्जवल भविष्य पर कोई संकट न खड़ा हो। वहीं इस दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने एसीएम प्रथम गौरव रंजन को ज्ञापन सौप मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की अपील की।
Published : 30 December 2017, 7:26 PM IST
No related posts found.