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नई दिल्ली: पीएम मोदी ने शुक्रवार सुबह तीनों कृषि कानूनों वापस लेने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने लगभग एक साल से आंदोलनरत किसानों से खेती के लिये अपने घर लौटने की भी अपील की है। लेकिन सरकार के इस ऐलान के बाद भी लगता है कि किसान अपने आंदोलन को खत्म करने के मूड़ में नहीं है। किसान नेता राकेश टिकैत ने पीएम मोदी के ऐलान के बाद भी कुछ नई शर्तें रखते हुए फिलहाल आंदोलन को तत्काल वापस न लेने की घोषणा की है।
पीएम मोदी के कृषि कानून वापस लेने के ऐलान के बाद राकेश टिकैत की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आयी है। राकेश टिकैत ने कहा है कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। उन्होंने ट्विट कर ये शर्त भी रखी कि सरकार MSP के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें।
उक्त घोषणा से पहले राकेश टिकैत ने आज सुबह एक और ट्विट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा- किसान बारूद के ढेर पर बैठे हैं। आंदोलन से ही जिंदा रहेंगे। यह जिम्मेदारी सबको निभानी होगी। जमीन से मोहभंग करना सरकार की साजिश है। जमीन कम हो रही है। किसान से जमीन बेचने और खरीदने का अधिकार भी यह लोग छीन लेंगे। जाति और मजहब को भूलकर किसानों को एक होना होगा।
राकेश टिकैत के अलावा पीएम मोदी के इस ऐलान को लेकर तमाम नेताओं, किसानों और आम लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। यह भी कहा जा रहा है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए पीएम मोदी सरकार किसानों के सामने झुक गई है।
Published : 19 November 2021, 11:59 AM IST
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