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जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि संविधान की भावना के अनुरूप वंचित वर्गों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना राज्य सरकार का ध्येय है।
उन्होंने कहा कि विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू जनजाति समुदाय के उत्थान के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर कदम उठाए जा रहे हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार गहलोत ने विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू जनजातियों के 72वें मुक्ति दिवस राज्यस्तरीय समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू जनजातियों (डीएनटी) समुदाय के उत्थान के लिये शीघ्र ही डीएनटी नीति लाई जायेगी।
उन्होंने कहा कि विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू जनजातियों के विकास के लिए 50 करोड़ रूपए के कोष की स्थापना की गई है। डीएनटी समाज की पारम्परिक कलाओं एवं उद्यम हेतु 5 करोड़ रूपए की राशि से डीएनटी शोध एवं संरक्षण केंद्र बनाया जा रहा है। साथ ही, समाज के लोगों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाने एवं कलाकारों को रोजगार एवं आर्थिक प्रोत्साहन देने का कार्य भी किया जा रहा है।
इस अवसर पर गहलोत ने हर वर्ष 31 अगस्त को विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू जनजाति दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली, सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजन लाल जाटव राज्य विमुक्त, घुमन्तू, अर्द्ध घुमन्तू बोर्ड की अध्यक्ष उर्मिला योगी सहित बड़ी संख्या में डीएनटी समाज के लोग उपस्थित थे।
Published : 1 September 2023, 11:42 AM IST
Topics : अशोक गहलोत जयपुर भावना मुख्य धारा राजस्थान वंचित वर्ग समाज संविधान
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