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नई दिल्ली: हाल ही में फ्रांस से भारत को मिले पांच राफेल लड़ाकू विमान आज आधिकारिक रूप से भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन रहे हैं। इसके लिये अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर एक भव्य कार्यक्रम में राफेल फाइटर जेट को इंडियन एयर फोर्स में औपचारिक रूप से शामिल किया जा रहा है।
राफेल फाइटर जेट को आज अंबाला एयरबेस पर 17 स्कवॉड्रन 'गोल्डन ऐरोज़' में शामिल किया जा रहा है। इस दौरान अंबाला एयरबेस में फाइटर जेट के इंडक्शन की औपचारिक सेरेमनी भी होगी। सेरेमनी में शामिल होने के लिए फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली भी भारत आ रही हैं।
इस भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम के बाद यह भारतीय वायु सेना का अहम हिस्सा बन जायेगा।
राफेल फाइटर जेट के भारतीय वायु सेना में शामिल होने से इंडियन एयर फोर्स की ताकत में कई गुना इजाफा हो जायेगा।
राफेल के पास हवा से हवा में, हवा से जमीन पर मार करने की अचूक क्षमता है। इसमें तीन तरह की मिसाइले लगाई जा सकती हैं।
राफेल लड़ाकू विमान दो इंजन वाला विमान है, जिससे भारतीय वायुसेना की ताकत बढ जायेगी।
एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है। ये हवा में ही फ्यूल को भर सकता है।
राफेल लड़ाकू विमान का कॉम्बैट रेडियस 3700 किलोमीटर है।
राफेल का रेट ऑफ क्लाइंब 300 मीटर प्रति सेकंड है, जो चीन-पाकिस्तान के विमानों को भी मात देता है।
राफेल एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर जा सकता है।
Published : 10 September 2020, 9:08 AM IST
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