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नयी दिल्ली: पंजाब का लक्ष्य इस सर्दी में पराली जलाने के मामलों में 50 फीसदी की कमी लाना तथा छह जिलों में पराली जलाने की घटनाएं पूरी तरह से खत्म करना है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने यह जानकारी दी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पराली जलाने पर नियंत्रण संबंधी राज्य सरकार की योजना के अनुसार करीब 31 लाख हेक्टेयर जमीन पर धान की खेती की गई है। इससे 1.6 लाख टन धान भूसी होने की संभावना है, जिसका प्रबंधन वहीं पर उसे खेत में मिलाने तथा अन्यत्र उसे जलाने के साथ किया जाएगा।
सीएक्यूएम ने कहा कि पराली को औद्योगिक और ऊर्जा सृजन परियोजनाओं में इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। उसका काफी मात्रा में चारा के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
पंजाब की पूसा बायो डिकंपोजर की मदद से 8,000 एकड़ धान क्षेत्र का प्रबंधन करने की योजना है।
Published : 27 September 2023, 11:58 AM IST
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