हिंदी
कुछ राज्यों में ‘द केरला स्टोरी’ के प्रदर्शन पर रोक की निंदा करते हुए ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने मंगलवार को कहा कि फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने या नहीं लगाने का अधिकार केवल केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को है। पढ़िये पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर
मुंबई: कुछ राज्यों में ‘द केरला स्टोरी’ के प्रदर्शन पर रोक की निंदा करते हुए ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने मंगलवार को कहा कि फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने या नहीं लगाने का अधिकार केवल केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को राज्य में इस विवादास्पद फिल्म की स्क्रीनिंग पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया था। तमिलनाडु में भी अनेक मल्टीप्लेक्स ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए रविवार से फिल्म के प्रदर्शन को रद्द कर रखा है।
गिल्ड ने एक बयान में कहा, ‘‘हम पहले भी कई मौकों पर यह बात कह चुके हैं, फिल्म रिलीज के विनियमन का काम सीबीएफसी का है और वैधानिक आवश्यकताएं पूरी करने वाली किसी भी फिल्म के सामने और अवरोध नहीं आने चाहिए तथा जनता को उसका भविष्य तय करने देना चाहिए।’’
उसने कहा, ‘‘जाहिर तौर पर दर्शक किसी फिल्म को देखना पसंद कर सकते हैं या उसकी अनदेखी कर सकते हैं लेकिन पसंद-नापसंद उनकी होनी चाहिए और सीबीएफसी के अलावा अन्य किसी पार्टी को रोक का अधिकार नहीं है।’’
गिल्ड के अध्यक्ष शिवाशीष सरकार हैं और इसके सदस्यों में करीब 150 प्रोडक्शन कंपनियां शामिल हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों से गिल्ड ने यह अनुरोध भी किया कि फिल्मों को देशभर में निर्बाध प्रदर्शन के अधिकार से वंचित किये जाने की प्रवृत्ति पर संज्ञान लिया जाना चाहिए।
No related posts found.