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नयी दिल्ली: दिल्ली के सरकारी अस्पताल एलएनजेपी में तैनात निजी कंपनी के सुरक्षा कर्मियों ने वेतन भुगतान में कथित देरी, तय घंटों से अधिक काम और अन्य समस्याओं को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने कहा कि लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) के अधिकारियों द्वारा इस मामले में दखल देने और समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने के बाद उन्होंने कामकाज शुरू कर दिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से निजी सुरक्षाकर्मी रखे गए हैं। इनमें से ज्यादातर सुरक्षाकर्मी एक एजेंसी के हैं, जिसकी सेवाएं दिल्ली सरकार ने ले रखी हैं। आज विरोध प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर सुरक्षाकर्मियों को उसी छोटी निजी एजेंसी ने नियुक्त किया था।”
अधिकारी ने कहा कि 140 से अधिक सुरक्षाकर्मी इस एजेंसी से जुड़े हैं और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मोटे तौर पर उनके सुपरवाइजर ने किया।
अधिकारी ने कहा कि सभी सुरक्षाकर्मी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए।
अधिकारी ने कहा, “उनकी शिकायतें भुगतान में देरी, भविष्य निधि और अन्य मुद्दों से संबंधित हैं। आठ घंटे से ज्यादा काम कराने के उनके आरोप की भी जांच की जा रही है। उनके दावे का पता लगाने के लिए ड्यूटी रजिस्टर की जांच की जाएगी।”
एलएनजेपी दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा अस्पताल है, जिसमें 2,000 बिस्तर हैं। कोविड -19 महामारी के दौरान यहां बड़े पैमाने पर इलाज की व्यवस्था की गई थी।
अस्पताल की नींव 1930 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन ने रखी थी।
Published : 25 October 2023, 5:34 PM IST
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